‼️हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश लेकर गाज़ीपुर में जुटे लोग!..‘परिवार से मातृभूमि’ संगोष्ठी में दिखी नई पहल‼️
- alpayuexpress
- 18 hours ago
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‼️हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश लेकर गाज़ीपुर में जुटे लोग!..‘परिवार से मातृभूमि’ संगोष्ठी में दिखी नई पहल‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अप्रैल रविवार 12-4-2026
गाज़ीपुर:-ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर विशाल भारत संस्थान जो सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का काम के साथ ही साथ परिवार से मातृभूमि तक का काम पिछले कई सालों से करती चली आ रही है जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदू और मुसलमान को एक साथ एक मंच पर लाना और उनके मूल में कौन है इस बात को बताना है ताकि लोगों को यह पता चल सके कि वह तुर्की अफगान या अरब देशों के नहीं बल्कि इसी हिंदुस्तान की मिट्टी में जन्म लिए और यही के रहने वाले हैं इसी को लेकर विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव गुरु जी के द्वारा परिवार से मात्र भूमि तक एक संगोष्ठी की गई जिसमें हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग शामिल रहे। इस कार्यक्रम में विशाल भारत संस्थान के कार्यकर्ताओं की बढ़ोतरी भी किया गया और बढ़े हुए कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाकर उन्हें संस्था से जोड़ने का भी काम किया गया
इस दौरान राजीव गुरु जी के द्वारा लोगों को बताया गया कि आज हमें राजनीतिक दल के लोग सिर्फ अपने लाभ के लिए हमें आपस में लडाते रहते हैं लेकिन हमारा कहीं से उद्देश्य नहीं है कि हम इन दोनों हिंदू और मुस्लिम के बीच कोई भी भेद करें बल्कि जो विभेद के दूरियां हैं उन्हें और कैसे काम किया जा सकता है इसी पर काम किया जा रहा है उन्होंने बताया कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष नौशाद अहमद दूबे हैं जिनकी दसवीं पीढ़ी ब्राह्मण रही है इसलिए वह अपने नाम के साथ अब दूबे लिखते हैं तो हमारा उद्देश्य यह है कि हम अपनी पीढ़ी को याद करें और हम किसके वंशज हैं यह पता चले हमारा ऐसा कोई मकसद नहीं की आपको धर्म से अलग करना है।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि देश के लोगों में जो हिंदू और मुसलमान में दूरी बढ़ गई है उन्हें कैसा जोड़ा जाए कौन सा ऐसा काम किया जाए की जिससे उनकी आपस की वह वैमनष्यता खत्म हो खाई खत्म हो इस बारे में जब सोच विचार किया गया तब पता चला की संस्कृति एक ऐसा विकल्प है जिसके माध्यम से हम इन दोनों लोगों को जोड़ सकते हैं और इसी के तहत हम पूर्वज और उनकी परंपराओं को लेकर काम शुरू किया जिसके लिए सबसे पहले भारत के मुसलमान कहां के रहने वाले हैं इस पर जब निष्कर्ष निकाला गया तब पता चला कि सभी मुसलमान हिंदुस्तान के हैं ना कोई तुर्की का है ना कोई ना ईरान के है ना मंगोलिया है ऐसे में हम इनके नफरत के कारणों का पता कर रहे हैं। कुछ मुसलमान को यह भ्रम हो गया था कि वह बाहरी है लेकिन उसे ब्रह्म को हम धीरे-धीरे तोड़ने का काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर बोलते हुए कहा कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मौत निश्चित है यह एक सच्चाई है जिसे कोई नहीं टाल सकता ऐसे में भारत का जन्म नहीं हुआ बल्कि यह सदियों से है वहीं पाकिस्तान का जन्म 1947 में हुआ है ऐसे में उसे पाकिस्तान की मौत भी निश्चित है।





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