‼️युद्ध का असर खेतों तक!..सरकारी खरीद केंद्र खुले, लेकिन बोरी नहीं,खलिहान में अटका किसानों का गेहूं‼️
- alpayuexpress
- 6 hours ago
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‼️युद्ध का असर खेतों तक!..सरकारी खरीद केंद्र खुले, लेकिन बोरी नहीं,खलिहान में अटका किसानों का गेहूं‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अप्रैल गुरुवार 9-4-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में गेहूं की सरकारी दर पर खरीदारी के लिए गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हालांकि उसके पूर्व ₹160 प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य भी बढ़ा दिया गया जिस पर किसानों को काफी खुशी भी हुई थी लेकिन इन दिनों लगातार बदलते मौसम के कारण अब किसानों के माथे पर बल पड़ रहा है क्योंकि किसान मौसम के चलते अपने खेतों के गेहूं को काटकर खलिहान में ला दिए हैं लेकिन उनका गेहूं की खरीदारी के लिए उनका केंद्र अभी तक शुरू नहीं हो पाया है और इसके पीछे विभागीय अधिकारी ईरान और इजरायल में होने वाले युद्ध को वजह बता रहे हैं क्योंकि इसके वजह से गेहूं के खरीदारी के लिए बोरी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
ईरान और इजरायल के युद्ध के चलते अभी जहां गैस सिलेंडर के बाद पेट्रोलियम के कमी की बात कही जा रही थी वहीं अब एक नया मामला सामने आ रहा है और वह मामला अब किसानों को प्रभावित कर रहा है दरसल गाजीपुर में 76 गेहूं क्रय केंद्र विपणन विभाग के द्वारा खोले गए हैं। 1 अप्रैल को इसका विधवत शुभारंभ भी कर दिया गया लेकिन सभी केंद्रों पर गेहूं के खरीदारी करने के लिए पर्याप्त मात्रा में बोरे नहीं होने के कारण गेहूं की खरीदारी नहीं हो पा रही है इसको लेकर गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर इलाके के कई किसानों ने अपने गेहूं की कटाई के बाद खलिहान में ला दिए और फिर उसकी बिक्री के लिए जब अपने खरीद केंद्र पर संपर्क किया तब वहां के अधिकारियों ने बताया कि युद्ध के चलते बोरे की कमी है जिसके कारण अभी गेहूं की खरीदारी नहीं हो पाएगी इन लोगों ने फोन के जरिए जिला विपणन अधिकारी से भी वार्ता किया और जिला विपणन अधिकारी ने भी अपने अधिकारी के बातों का समर्थन किया वहीं अब किसान मौसम को लेकर चिंतित हैं कि उनके द्वारा जो गेहूं काटकर खलिहान में ला दिया गया है और यदि कहीं बारिश हो गई तब उनकी फसल नुकसान हो सकती है।
वही इस मामले पर अपर जिला अधिकारी दिनेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गेहूं कटने का अभी शुरुआती दौर है तीन से चार दिन पूर्व जंगीपुर में किसानों को सम्मानित कर गेहूं क्रय का उद्घाटन भी किया गया था अभी गेहूं की खरीदारी के लिए अगले 10 दिनों के बाद तेजी बढ़ने की उम्मीद है और इसके लिए तैयारी हमारी पूरी हो चुकी हैं ।
वहीं किसानों के द्वारा बोरे की कमी और वह भी युद्ध के कारण जो विभागीय अधिकारी बताएं हैं इस मामले पर उन्होंने कहा कि पीपीपी बोरे की कमी थी लेकिन अब सरकार के द्वारा निर्देश मिलने के बाद उस कमी को पूरा कर लिया गया है उसके लिए जो पुराने यूज्ड बोरे हैं उसे अब प्रयोग में लाया जाएगा इसके अलावा 2750 गाँठ बोर के अभी पड़े हुए हैं और इसके अलावा बोरे के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है ऐसे में जब तक गेहूं के केंद्रों पर बिक्री के लिए तेजी आएगी तब तक हमारे पास बोरे भी आ जाएंगे इस दौरान ईरान और इजरायल युद्ध को लेकर बोरे की कमी के सवाल पर कहां की युद्ध होने के चलते असर पड़ता है लेकिन हमारे पास बोरे हैं और पैनिक होने की जरूरत नहीं है।





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