‼️महंगी किताबों पर लगेगा ब्रेक!..यूपी बोर्ड में अब केवल एनसीईआरटी से पढ़ाई अनिवार्य‼️
- alpayuexpress
- 2 days ago
- 2 min read
‼️महंगी किताबों पर लगेगा ब्रेक!..यूपी बोर्ड में अब केवल एनसीईआरटी से पढ़ाई अनिवार्य‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अप्रैल गुरुवार 9-4-2026
गाज़ीपुर:-ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सस्ती बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि अब सत्र 2026-27 से सभी स्कूलों में केवल अधिकृत पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी. अनधिकृत किताबों और गाइड पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.परिषद के अनुसार, कई स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और गाइड छात्रों पर थोपी जा रही थीं. इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। ऐसे में अब यूपी बोर्ड में 9 से लेकर 12 तक के सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें चलेंगे और उसके प्रकाशको का नाम भी अब तय कर दिया गया है इसके अलावा किसी अन्य प्रकाशक की किताबें किसी भी विद्यालय में पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसके माध्यम से अब कक्षा 9 से 12 तक के सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ाई जाएंगे और इसके लिए प्रकाशको के नाम भी तय कर दिए गए हैं ऐसे में उन्होंने बताया कि अब हमारा मुख्य उद्देश्य है कि उस सर्कुलर का अच्छा सा पालन किया जाए उन्होंने बताया कि सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों में एनसीईआरटी के पैटर्न पहले से ही लागू किए गए हैं लेकिन अब यूपी बोर्ड के विद्यालयों में सचिन के निर्देश का पालन कराया जाएगा।
एडमिशन का दौर शुरू हो गया है और ऐसे में किताबों के बोझ और उसके महंगाई को लेकर अब अभिभावक परेशान है इस पर उन्होंने बताया कि फीस रेगुलेशन एक्ट 2018 के माध्यम से कोई भी जानकारी मिलने पर हम लोग जांच करते हैं और इस एक्ट में बहुत सारे महत्वपूर्ण चीज हैं जिसमें से कोई भी विद्यालय फीस की वृद्धि कैसे कर सकता है इसका भी पूरी तरह से उल्लेख किया गया है साथ ही किसी भी अभिभावक को यह बात नहीं किया जा सकता है कि कोई भी विद्यालय से संबंधित सामग्री किसी विशेष दुकान पर ही खरीदें साथ ही छात्रों के ड्रेस में भी 5 साल से पहले कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है जो फीस रेगुलेशन एक्ट में लिखी हुई है जिसे हम सभी इस पर कार्रवाई करते हैं और किसी विशेष विद्यालय के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी जांच किया जाता है।





Comments