‼️समाजसेवी के गड्ढे में उतरने और!..जर्जर स्कूल पर लाठी चलाने का असर,जर्जर स्कूलों पर चला बुलडोजर‼️
- alpayuexpress
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‼️समाजसेवी के गड्ढे में उतरने और!..जर्जर स्कूल पर लाठी चलाने का असर,जर्जर स्कूलों पर चला बुलडोजर‼️

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
अगस्त रविवार 30-8-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर जिले में लंबे समय से जर्जर और निष्प्रयोज्य पड़े विद्यालय भवनों को लेकर उठाई गई आवाज का असर महज 30 घंटे के भीतर देखने को मिला। सदर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय चक अब्दुल बहाव और कंपोजिट विद्यालय इनरवां के जर्जर भवनों को शनिवार को प्रशासन ने जेसीबी लगाकर धराशायी करा दिया। करीब एक दशक से खतरनाक स्थिति में पड़े इन भवनों को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में लगातार चिंता बनी हुई थी। भवनों के गिराए जाने के बाद दोनों गांवों के अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।

दरअसल, प्राथमिक विद्यालय चक अब्दुल बहाव में जलभराव और खतरनाक गड्ढे की स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य ब्रजभूषण दूबे ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने विद्यालय परिसर में बने गहरे और खतरनाक गड्ढे में उतरकर स्नान किया और वीडियो के माध्यम से वहां जलजमाव की भयावह स्थिति को सामने रखा। उनका कहना था कि विद्यालय परिसर में इस तरह का गड्ढा बच्चों के लिए कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
इसके बाद समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजभूषण दूबे, सामाजिक कार्यकर्ता गुल्लू सिंह यादव और उनके साथियों ने वर्षों से निष्प्रयोज्य घोषित जर्जर विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। भवन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही गिर चुका था, जबकि छत और अन्य हिस्से भी बेहद खतरनाक स्थिति में थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लाठी चलाकर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर जर्जर भवन को जमींदोज नहीं किया गया तो वे स्वयं हथौड़ा लेकर कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
पहले गड्ढा पाटा, फिर जर्जर भवन को किया ध्वस्त
समाजसेवी के विरोध और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे बेसिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी जेसीबी लेकर प्राथमिक विद्यालय चक अब्दुल बहाव पहुंचे। सबसे पहले विद्यालय परिसर में मौजूद उस खतरनाक गड्ढे को मिट्टी डालकर पाटा गया, जिसमें समाजसेवी ब्रजभूषण दूबे ने उतरकर स्थिति का विरोध जताया था। इसके बाद जेसीबी की मदद से जर्जर विद्यालय भवन को कई घंटे की मशक्कत के बाद पूरी तरह ढहा दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन लंबे समय से हादसे को न्योता दे रहा था। भवन की स्थिति को देखकर अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। भवन हटाए जाने के बाद अब परिसर में खतरे की एक बड़ी वजह समाप्त हो गई है।
इनरवां स्कूल में नंगे बिजली तार देख भड़के समाजसेवी
चक अब्दुल बहाव के बाद ब्रजभूषण दूबे सदर विकासखंड के कंपोजिट प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय इनरवां पहुंचे। यहां विद्यालय परिसर के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। आरोप है कि विद्यालय परिसर के ऊपर करीब 440 वोल्ट का नंगा तार लटक रहा था, जबकि इसके ऊपर से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी गुजर रही थी।
समाजसेवी ने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे लगातार इस गंभीर खतरे के बीच रह रहे हैं। यदि किसी समय विद्युत प्रवाहित तार टूटकर परिसर में गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल समस्या का समाधान किए जाने की मांग की।
तीनों हैंडपंप भी मिले खराब
इनरवां कंपोजिट विद्यालय में निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था की भी बदहाल तस्वीर सामने आई। विद्यालय परिसर में लगे तीनों हैंडपंप खराब बताए गए। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। वीडियो के माध्यम से विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को भी सामने रखा गया।
वायरल वीडियो का डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। डीएम ने दोनों विद्यालयों के जर्जर भवनों को तत्काल गिराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू कर दी और शनिवार को दोनों विद्यालयों के जर्जर भवनों को जेसीबी की मदद से धराशायी करा दिया गया।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा रही। लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बने जर्जर भवनों को आखिरकार हटाया गया, जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा टल गया है।
जिले के सभी जर्जर भवनों पर लाल रंग से चेतावनी लिखने का निर्देश
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने जनपद में मौजूद सभी जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों को चिह्नित कर उन पर लाल रंग से ‘निष्प्रयोग एवं खतरा’ लिखकर लोगों को आगाह करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलेभर में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में जर्जर भवनों पर चेतावनी लिखने की कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासन के इस कदम से अब लोगों को जर्जर भवनों के खतरे के प्रति सचेत किया जा सकेगा और अनजाने में ऐसे भवनों के आसपास जाने से बचने में मदद मिलेगी। साथ ही संबंधित विभागों को जर्जर भवनों को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए भी जिम्मेदार बनाया जा सकेगा।
त्वरित कार्रवाई पर समाजसेवियों ने जताया आभार
समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजभूषण दूबे, व्याख्याता गुल्लू सिंह यादव, विवेक कुशवाहा, हनुमान बिन्द, वरिष्ठ नागरिक कुंभनाथ जायसवाल, देवांशु पांडेय सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की त्वरित पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी शिकायत का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई होना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। समाजसेवियों ने उम्मीद जताई कि इसी तरह जिले के अन्य जर्जर विद्यालयों और सार्वजनिक भवनों को भी समय रहते चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले ही खतरे को समाप्त किया जा सके।





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