‼️शहीद के नाम का शिलापट्ट तोड़े जाने पर!..परिवार ने विधायक पर लगाया अपमान और धमकी देने का आरोप‼️
- alpayuexpress
- 5 hours ago
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‼️शहीद के नाम का शिलापट्ट तोड़े जाने पर!..परिवार ने विधायक पर लगाया अपमान और धमकी देने का आरोप‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून रविवार 14-6-2026
गाज़ीपुर:- खबर ग़ाज़ीपुर जिले से है जहां पर सैनिकों के शहादत के बाद उनकी शहादत को सम्मान मैं कई तरह की घोषणाएं की जाती है और राजनीतिक दल के नेता शहिद को अपना सिरमौर तक मानने की बात करते हैं लेकिन बात जब उन्हें सम्मान देने की आती है तो यही नेता उन्हें अपमानित करने से भी पीछे नहीं रहते कुछ ऐसा ही मामला सदर कोतवाली इलाके के जैतपुरा गांव से आया है जहां पर 2019 में अनंतनाग में शहीद हुए शहीद महेश कुशवाहा जिनके नाम का शिलापट गांव के ही प्रवेश द्वार पर 2006 में बने एक गेट पर गांव वालों की सहमति से लगाया गया लेकिन यह शिलापट समाजवादी पार्टी के विधायक को रास नहीं आया और वह रात में खुद खड़ा होकर उस शिलापट को तुड़वाया और फिर शिलापट के एक-एक टुकड़े को अपने साथ लेकर गायब हो गए और उसकी जगह पर संत गंगा दास बाबा प्रवेश द्वार का शिलापट लगवाया इसके बाद से शहीद परिवार में काफी गुस्सा है और उन लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री तक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग किया है।
हाथों में अपने पति की तस्वीर लिए हुए यह निर्मला देवी हैं जिनके पति महेश कुशवाहा का साल 2019 में अनंतनाग में आतंकवादी घटना में शहादत हुई थी और शहादत के बाद सरकार और प्रशासन के द्वारा शहीद के नाम पर प्रवेश द्वार, सड़क के साथ ही मूर्ति लगवाने की बात कही गई थी साथ ही सरकारी नौकरी भी देने की बात हुई थी लेकिन सरकार ने करीब 7- 8 साल बीत जाने के बाद भी शहिद के परिवार में मात्र उनकी विधवा को नौकरी दे पाई इसके अलावा सड़क गेट या फिर मूर्ति लगाने की बात को एकदम से भूल गई और आज तक कोई काम नहीं हुआ वहीं अब शहीद परिवार खुद अपने पैसे से शहीद की मूर्ति का निर्माण कराया और उस मूर्ति को 12 जून जो शहादत का दिवस है उस दिवस पर अनावरण करने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को आमंत्रित किया था लेकिन किन्हीं कारण बस केशव प्रसाद मौर्य नहीं आ पाए जिससे मूर्ति का अनावरण नहीं हो पाया वही गांव के प्रवेश द्वार पर एक गेट जो साल 2006 का बना हुआ था लेकिन प्रवेश द्वार पर किसी का भी नाम या पत्थर नहीं लगा हुआ था इसके बाद गांव वालों की रजामंदि से शहीद परिवार ने गेट के ऊपर अमर शहीद महेश कुशवाहा प्रवेश द्वार का पत्थर लगवाया और यह पत्थर करीब एक सप्ताह तक सही सलामत रहा लेकिन यह पत्थर जंगीपुर के विधायक डॉ वीरेंद्र यादव जिनका निवास स्थान जैतपुरा गांव है उन्हें रास नहीं आ रहा था और फिर 8 जून की रात में अपने साथियों के साथ पहुंचकर उस पत्थर को तोड़वाया और फिर उसके एक-एक टुकड़े को अपने साथ अपनी गाड़ी में रखवा कर चलते बने ताकि किसी को कुछ पता ना चले और फिर उसी रात में संत बाबा गंगा दास के नाम पर एक पत्थर लगवा दिया इसकी जानकारी जब शहीद के परिवार को हुई तो शहीद परिवार काफी आहत हुआ और फिर इन लोगों ने इस संबंध में विधायक से बात करने के लिए उनके घर गए लेकिन विधायक इन्हें डराया धमकाया और जान से मारने की भी धमकी देते हुए भगा दिया इसके बाद यह सभी लोग जिलाधिकारी से मिलने जनता दर्शन कार्यक्रम में भी गए जहां पर उन्होंने पूरी आपबीती बताई और बताया कि कैसे समाजवादी पार्टी के विधायक ने शहीद का अपमान किया है जिसके बाद जिलाधिकारी ने उस पत्र पर बीडियो को मार्क करते हुए जांच करने की बात कही थी।
इस मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ वीरेंद्र यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से गलत बात है वहां गेट उनके पिता कैलाश यादव जो तत्कालीन सरकार में मंत्री भी थे उन्होंने अपनी निधि से संत बाबा गंगादास के नाम पर गेट बनवाया था हालांकि काफी दिनों से रंगाई पुताई ना होने के कारण वह जीर्णशीर्ण हो गया था जिसे उन्होंने पिछले दिनों रंगा पुताई कराकर उनके नाम का पत्थर भी लगाया है उन्होंने यह भी कहा कि गांव में शहीद की जो मूर्ति लगाई गई है उसमें भी उन्होंने योगदान किया है और खुद खड़े होकर मूर्ति को लगवाया है।
इस मामले को एक दिन पूर्व जब जनपद के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल से बात की गई और बताया गया तब रविंद्र जायसवाल ने भी हैरानी व्यक्त किया और उन्होंने साफ लहजे में कहा चाहे वह विधायक हो या फिर आम आदमी शहीदों के सम्मान से कोई भी खिलवाड़ करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी चाहे वह विधायक हो या फिर कोई ऐसे में उन्होंने तत्काल इस मामले में मुकदमा दर्ज करने और जेल भेजवाने की भी बात कही।





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