‼️वीर अब्दुल हमीद के 61वें शहादत दिवस पर!..धामूपुर में गूंजा भारत माता का जयघोष‼️
‼️वीर अब्दुल हमीद के 61वें शहादत दिवस पर!..धामूपुर में गूंजा भारत माता का जयघोष‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
सितंबर गुरुवार 10-9-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर 10 सितंबर 1965 भारतीय सेना के इतिहास में दर्ज वह गौरवशाली दिन, जब गाजीपुर की धरती के वीर सपूत परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद ने खेमकरण सेक्टर में अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए अमेरिका निर्मित अजेय समझे जाने वाले पैटन टैंकों को अपनी आरसीएल गन से एक-एक कर नेस्तनाबूद कर दिया था। दुश्मन के टैंकों के सामने अकेले डटे वीर अब्दुल हमीद ने आखिरी सांस तक मोर्चा संभाले रखा। इसी दौरान दुश्मन का एक गोला उनकी जीप पर आकर गिरा और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वह वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी असाधारण वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। आज उनके 61वें शहादत दिवस पर गाजीपुर के धामूपुर स्थित शहीद पार्क में देशभक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ विशिष्ट अतिथि रहे। कारगिल युद्ध में अदम्य वीरता दिखाकर परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव भी कार्यक्रम में पहुंचे।

सभी अतिथियों ने वीर अब्दुल हमीद और उनकी पत्नी रसूलन बीबी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर प्रस्तावित जल स्मारक के शिलापट्ट का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक और वीर अब्दुल हमीद के पौत्र जमील अहमद ने मंच से गाजीपुर के लिए तीन महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने गाजीपुर के युवाओं के लिए लंबे समय से बंद सेना भर्ती प्रक्रिया को फिर शुरू कराने और विशेष भर्ती कैंप आयोजित कराने की मांग की। साथ ही गाजीपुर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के कार्य में तेजी लाने तथा परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के नाम से गाजीपुर से देश के किसी भी हिस्से के लिए एक ट्रेन चलाने की मांग रखी।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने वीर अब्दुल हमीद के जीवन और शौर्य को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने गाजीपुर के युवाओं से आह्वान किया कि वीर अब्दुल हमीद के जीवन से प्रेरणा लेकर रील की नहीं, रियल जिंदगी जिएं और देश के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता न करें। धामूपुर में गूंजता भारत माता का जयघोष एक बार फिर यह संदेश दे गया कि वीर अब्दुल हमीद की शहादत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान की जीवंत प्रेरणा है।





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