‼️बिजली विभाग की वसूली से परेशान पान विक्रेता ने की आत्महत्या,डीएम पहुंचे गांव,दिए जांच के आदेश‼️
- alpayuexpress
- 12 hours ago
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‼️बिजली विभाग की वसूली से परेशान पान विक्रेता ने की आत्महत्या,डीएम पहुंचे गांव,दिए जांच के आदेश‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून मंगलवार 16-6-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। गांव निवासी सुरेंद्र कश्यप, जो सड़क किनारे गुमटी लगाकर पान बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, ने कथित तौर पर बिजली विभाग के बकाया बिल और वसूली के दबाव से परेशान होकर सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने उनके यहां छापेमारी की थी, जिसके बाद उन पर लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये का बकाया निर्धारित किया गया। बाद में यह मामला तहसील पहुंचा और आरसी जारी होने के बाद बकाया राशि बढ़कर लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये हो गई।
परिजनों का आरोप है कि सुरेंद्र लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके, लेकिन उन्हें राहत मिलने के बजाय बार-बार भुगतान का दबाव झेलना पड़ रहा था। परिवार का कहना है कि बिजली विभाग और राजस्व कर्मियों द्वारा दुकान पर पहुंचकर वसूली का दबाव बनाया जाता था और दुकान बंद कराने की चेतावनी भी दी जाती थी।
मृतक की पत्नी ज्ञानती ने बताया कि सुरेंद्र अक्सर कहा करते थे कि "अगर मैं मर जाऊं तो शायद यह बिल और जुर्माना खत्म हो जाएगा।" परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। दो बेटियों की शादी की चिंता और बढ़ते कर्ज के बोझ ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।
आत्महत्या से पहले सुरेंद्र ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से बिजली विभाग के बकाया और उससे उपजी परेशानी को अपनी मौत का कारण बताया है।
घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन यह मामला अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वहीं घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला खुद मृतक परिवार से मिलने के लिए उसके गांव पहुंचे और परिवार वालों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिया साथ ही यह भी जानकारी लिया कि कौन ऐसे लोग थे जो उसे पर मानसिक रूप से दबाव बना रहे थे जिसको देखते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि मृतक परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से उसे राहत दिलाया जाएगा साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वह कौन अधिकारी और कर्मचारी थे जो मृतक को मानसिक रूप से परेशान किया करते थे उनके खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।





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