‼️बाढ़ से पहले आपदा अभ्यास!..पांच तहसीलों में मॉक ड्रिल,लोगों को सिखाए गए जीवन बचाने के गुर‼️
- alpayuexpress
- 8 hours ago
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‼️बाढ़ से पहले आपदा अभ्यास!..पांच तहसीलों में मॉक ड्रिल,लोगों को सिखाए गए जीवन बचाने के गुर‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून गुरुवार 11-6-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर आपदा विभाग की तरफ से आगामी बारिश के सीजन के बाद आने वाली आपदा जो गाजीपुर में बाढ़ के रूप में आती है और बाढ़ आने पर कई तरह की समस्याएं सामने आती है जैसे जर्जर मकान का गिरना लोगों का उस मकान के अंदर दबना के साथ ही गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव के माध्यम से लोगों का यात्रा करना और यात्रा के दौरान ही कई बार नाव डूबने की भी घटनाएं होती हैं इसके अलावा गंगा घाटों पर भी लोगों की डूबने की मामले आते हैं और इन सभी मामलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम काफी लेट से पहुंचती है क्योंकि वह वाराणसी से आती है ऐसे में जब तक वह नहीं आती है तो आमजन को कैसे इस आपदा के वक्त में लोगों का बचाव करना चाहिए इसी को लेकर आज उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन की तरफ से एक मार्ग ड्रिल का आयोजन किया गया जो गाजीपुर के आपदा से प्रभावित पांच तहसीलों में किया गया
उ०प्र० राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में बाढ़ के प्रति संवेदनशील व अतिसंवेदनशील जनपद में बाढ़ आपदा से बचाव सुरक्षा हेतु राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज संचालित किया है। उत्तर प्रदेश राज्य के 41 जनपदों मे बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ किया गया। इसी क्रम में आज जनपद गाजीपुर के पांच बाढ़ प्रभावित तहसील सदर, सैदपुर, जमानिया ,मुहम्दाबाद, सेवराई, के समस्त बाढ़ प्रभावित तहसीलों में तहसीलो के उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत मॉकड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहसील सदर के तहत पोस्ता घाट पर गंगा नदी के किनारे अत्यधिक वर्षा/अतिविष्टि/बाढ़ के पानी के दबाव से मकान क्षतिग्रस्त हुआ, क्षतिग्रस्त मकान में से 10-15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। जनपद में किसी भी मौत के बाद दाह संस्कार करने के बाद गंगा नदी में स्नान का प्रथा है, इसके तहत 1000 से अधिक लोग प्रत्येक दिन नदी में स्नान करते हैं, स्नान के दौरान लापरवाही के कारण 03 बच्चे क्रमशः एक दूसरे को बचाने में डूबने लगते हैं। रबर बोट का प्रयोग करते हुए सभी बच्चों को बचा लिया जाता है। नदी के पानी एवं क्षतिग्रस्त मकान से निकाले गए सभी व्यक्तियों को बाढ़ शरणालय में रखा गया, जहा अनुभवी चिकित्सको द्वारा चिकित्सकीय सुविधा दी गयी राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभाग का वहां कैंप का प्रदर्शन किया गया तथा लोगो को बाढ एवं आपदा के दौरान स्वयं बचने व प्रभावित व्यक्तियों को बचाने के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण दिया गया।





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