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‼️प्रधानमंत्री का 33% आरक्षण का सपना टूटा!..राज्यसभा सांसद डॉ• संगीता बलवंत ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार‼️

  • alpayuexpress
  • Apr 27
  • 2 min read

‼️प्रधानमंत्री का 33% आरक्षण का सपना टूटा!..राज्यसभा सांसद डॉ• संगीता बलवंत ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ


अप्रैल सोमवार 27-4-2026

गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर नारी शक्ति बंदन अधिनियम 16 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष के एकजुट होने के कारण गिर जाने के बाद अब महिला सम्मेलन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के लोगों का विरोध कर अपने गुस्से का इजहार कर रही है इसी को लेकर आज गाजीपुर में राज्यसभा सांसद डॉक्टर संगीता बलवंत की अगुवाई में एक महिला सम्मेलन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां पर बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई और यहां पर सभी महिलाओं ने इस अधिनियम के गिर जाने पर तमाम विपक्षी दलों को इसकी जिम्मेदार बताते हुए निंदा की और बताया कि यह सभी पार्टियों बहाने बनाकर महिलाओं के मिलने वाले हक का विरोध किए हैं।

राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि पीएम मोदी के द्वारा एक महत्वपूर्ण अभियान जो विधेयक में बदलकर नारियों को सशक्त करना चाह रहे थे इसी को लेकर विशेष सत्र के माध्यम से नारी शक्ति बंदन अधिनियम पारित होना था सभी को लग रहा था कि सर्वसम्मति से पास हो जाएगा और नारियों को सम्मान मिलेगा लेकिन हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि जिस विधेयक को सर्वसम्मति से पास होना चाहिए था लेकिन विपक्ष ने अपना महिला विरोधी चेहरा को दिखाते हुए इसके विपक्ष में मत किया यही कारण है कि 16 अप्रैल का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होना चाहिए था वह अब काले दिन के रूप में याद किया जाएगा प्रधानमंत्री की सोच थी कि महिलाओं को पंचायत से पार्लियामेंट तक ले जाया जाए और महिला को 33% आरक्षण दिया जाए और हम सभी महिलाएं कल्पना कर रहे थे कि संसद के मकर द्वार से 33% महिलाएं उसकी सीढ़ीओ को पार करते हुए अंदर जाएगी तो देश के संसद के लिए सुखद दिन होगा लेकिन आज हम विपक्ष की निंदा करते हैं कभी क्योंकि सभी एक मत होकर बहाने बनाते हुए इस अधिनियम को गिरा दिया।

राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि पीएम मोदी के द्वारा एक महत्वपूर्ण अभियान जो विधेयक में बदलकर नारियों को सशक्त करना चाह रहे थे इसी को लेकर विशेष सत्र के माध्यम से नारी शक्ति बंदन अधिनियम पारित होना था सभी को लग रहा था कि सर्वसम्मति से पास हो जाएगा और नारियों को सम्मान मिलेगा लेकिन हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि जिस विधेयक को सर्वसम्मति से पास होना चाहिए था लेकिन विपक्ष ने अपना महिला विरोधी चेहरा को दिखाते हुए इसके विपक्ष में मत किया यही कारण है कि 16 अप्रैल का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होना चाहिए था वह अब काले दिन के रूप में याद किया जाएगा प्रधानमंत्री की सोच थी कि महिलाओं को पंचायत से पार्लियामेंट तक ले जाया जाए और महिला को 33% आरक्षण दिया जाए और हम सभी महिलाएं कल्पना कर रहे थे कि संसद के मकर द्वार से 33% महिलाएं उसकी सीढ़ीओ को पार करते हुए अंदर जाएगी तो देश के संसद के लिए सुखद दिन होगा लेकिन आज हम विपक्ष की निंदा करते हैं कभी क्योंकि सभी एक मत होकर बहाने बनाते हुए इस अधिनियम को गिरा दिया।

 
 
 

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