‼️प्रधान और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल खत्म!..प्रशासक व्यवस्था में विकास योजनाओं पर मंथन‼️
‼️प्रधान और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल खत्म!..प्रशासक व्यवस्था में विकास योजनाओं पर मंथन‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अक्टूबर शनिवार 24-10-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासक व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण विकास कार्यों की योजना बनाने की प्रक्रिया में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। पहले ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत में ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में खुली बैठकें आयोजित कर विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाती थी। इन बैठकों में स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए योजनाएं बनाई जाती थीं, जिसके बाद उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होती थी। लेकिन कार्यकाल समाप्त होने और प्रशासक व्यवस्था लागू होने के बाद नियमित खुली बैठकों के आयोजन में आ रही बाधाओं के बीच अब जिला प्रशासन ने वैकल्पिक पहल शुरू की है। इसी क्रम में गाजीपुर में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं। साथ ही योजनाओं को धरातल पर उतारने में आ रही समस्याओं, प्रशासनिक बाधाओं और विभिन्न कार्यों से जुड़ी शिकायतों को भी अधिकारियों के सामने रखा। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को समझना और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना रहा।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्र पंचायत के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों के लिए पहले कार्ययोजना तैयार की जाती है, इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यों को पूरा कराया जाता है। इसी तरह ग्राम पंचायतों में भी खुली बैठकों के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के मुताबिक योजनाएं बनाई जाती हैं और फिर उनका क्रियान्वयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक व्यवस्था लागू होने से ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों की पूर्व की तरह खुली बैठकें आयोजित करने में कठिनाई आ रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के सुझाव लेकर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने की पहल की जा रही है।
बैठक में आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण और स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों को लेकर भी सुझाव लिए गए। जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों और उनके क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत कराया। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में सामने आई समस्याओं और शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका नियमानुसार निस्तारण कराया जाए। साथ ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रशासक व्यवस्था के बीच जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की जरूरतों को समझने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। अब बैठक में सामने आए सुझावों और समस्याओं पर संबंधित विभाग किस तरह कार्रवाई करते हैं, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति पर असर पड़ेगा।





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