‼️जमीनी विवाद में मध्यस्थता करने पहुंचे!..ग्राम प्रधान पर जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की धमकी, केस दर्ज‼️
- alpayuexpress
- 3 hours ago
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‼️जमीनी विवाद में मध्यस्थता करने पहुंचे!..ग्राम प्रधान पर जातिसूचक टिप्पणी और हत्या की धमकी, केस दर्ज‼️

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
फरवरी मंगलवार 24-2-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर शादियाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हंसराजपुर के ग्राम प्रधान एवं मनिहारी ब्लॉक प्रधान संघ के उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र कुमार गुप्ता उर्फ बबलू के खिलाफ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग, अपमानजनक टिप्पणी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में शादियाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम प्रधान ज्ञानेन्द्र कुमार गुप्ता उर्फ बबलू गाज़ीपुर जिले में अपनी समाज सेवा और गांव में किए गए विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यों को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। इस घटना के बाद ग्राम प्रधान के मान-सम्मान को ठेस पहुंची है और उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
पीड़ित ग्राम प्रधान के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत 19 जनवरी को हुई, जब वह पास के गांव बभनौली में दो पक्षों,सिन्धु गुप्ता और अनिता राजभर,के बीच चल रहे जमीनी विवाद में मध्यस्थता कराने पहुंचे थे। उसी दौरान वहां मौजूद अंकित राजभर उर्फ लकी ने उन्हें देखते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इस पूरी घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया।
इसके बाद 10 से 16 फरवरी के बीच बरहट निवासी अरविन्द सिंह उर्फ बबलू ने अपने फेसबुक अकाउंट "अरविंद सिंह" से उक्त वीडियो को सार्वजनिक रूप से पोस्ट कर दिया। पोस्ट के साथ ग्राम प्रधान के खिलाफ अपमानजनक, अशोभनीय और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले को लेकर अरविन्द सिंह से संपर्क किया, तो उसने दोबारा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने शादियाबाद थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में थानाध्यक्ष पवन कुमार उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि को इस प्रकार जातिसूचक शब्दों से अपमानित करना और जान से मारने की धमकी देना निंदनीय है और समाज में गलत संदेश देता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।





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