‼️कमलेश बिंद एनकाउंटर पर!..अफजाल अंसारी ने की CBI जांच की मांग, पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल‼️
- alpayuexpress
- 14 hours ago
- 4 min read
‼️कमलेश बिंद एनकाउंटर पर!..अफजाल अंसारी ने की CBI जांच की मांग, पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून रविवार 7-6-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद के परिवार से मिलने के लिए आज गाजीपुर के समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिया और यह भी जानकारी लिया की घटना वाले दिन कमलेश बिंद कहां पर था और उसके साथ पुलिस ने किस तरह का कार्य किया है सारी जानकारी लेने के बाद इस पूरे मामले को किस तरह से कोर्ट तक पहुंचना है इसके बारे में भी पीड़ित परिवार को जानकारी दिया वही मीडिया से मुखातीब होते हुए उन्होंने विनीत राय हत्याकांड और कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग किया।
सांसद अफजाल अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए किस तरह से गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड और उसके बाद कमलेश बिंद का पुलिस एनकाउंटर हुआ इसके बारे में बताया। उन्होंने एनकाउंटर मामले पर कहा कि अब एनकाउंटर होने के बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं और अब बड़े नेता भी इस मामले को उठा रहे हैं की सही मामले में क्या मुठभेड़ हुई है। क्या यह सही नहीं है कि उसे बिहार प्रांत से उठाकर लाया गया और यहां पर एनकाउंटर किया गया। वही पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के समय पूरा परिवार शव के साथ गाड़ी के अंदर बैठे हुए थे । लेकिन जो घटना हुई वह पुलिस के गाड़ी का कोई ड्राइवर किसी युवा के हाथ से मोबाइल छीन लिया था जो वीडियो बना रहा था और मोबाइल छीनने के बाद उसके साथ जो लड़के थे कम उम्र के उन बच्चों ने पत्थर चलाया और परिवार के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर अब रासुका लगाने की धमकी दी जा रही है । लग रहा है कि बिंद समाज को अब इस व्यवस्था में जीने का अधिकार ही नहीं है। घर में घुसकर पुलिस वालों ने उसकी मां को उसकी विधवा के साथ ही कई अन्य महिलाओं को भी मारा पीटा है। और सामान को भी तोड़फोड़ किया गया।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी इस मामले पर सवाल उठाया है ऐसे में अब इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और यह जांच अब यहां के एसडीएम और ADM करेंगे क्योंकि यह एक प्रक्रिया है जो मुठभेड़ में मौत के बाद होती है। यदि जांच करना है तो जो इसके भाई ने तहरीर दिया है उस पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया जाए और उसे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया जाए और तीनों घटनाओं की जांच सीबीआई को दिया जाए जिसमें विनीत राय हत्याकांड कमलेश बिंद मुठभेड़ और फिर अंतिम संस्कार के वक्त मारपीट और पत्थर बाजी का।
ऐसे में अब पुलिस क्यों नहीं एक नया कानून बना देती है की कोतवाल साहब और एसपी साहब भी तय कर देंगे की किसे क्या सजा देनी है। इस पर एक कानून बनवाइए और संसद से पास करवाइए, विधानसभा से पास करवाइए और न्यायपालिका को इससे मुक्त कर दीजिए ।और कोतवाल को न्याय अधिकारी बना दिया जाए और पुलिस अधीक्षक को चीफ जस्टिस बना दिया जाए जिससे यह लोग तय करें कि किसके पैर में गोली मारनी है और किसके छाती में गोली मारनी है।
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पर जो घटना हुई उसका इनपुट पुलिस को पहले क्यों नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि उन्हें यह क्यों नहीं जानकारी मिल पाई कि जिस होटल में दारू, बार और अन्य प्रतिष्ठान चल रहे हैं तो वहां पर सीसीटीवी कैमरा क्यों नहीं लगा वहां के लोगों का आरोप है कि रात के 12:00 तक और उसके बाद तक कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। अगर वहां सीसीटीवी कैमरा लगा होता तो यह पता चलता है कि उसे घटना में कमलेश बिंद था या नहीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अब एक नया नाम आ गया है कटरा गैंग उन्होंने कहा कि *पूरे पूर्वांचल में एक ही गैंग था मुख्तार अंसारी का आईएस 191 का ही नाम चल रहा था मुख्तार को दुनिया से गए हुए 2 साल हो गया है इस गैंग की चर्चा पर पुलिस लगातार जी रही है ऐसे में यह कटरा गैंग कहां से आ गया और यदि यह गैंग पहले से था तो पुलिस अधीक्षक को इनपुट पहले से क्यों नहीं मिला।
घटना से एक दिन पहले मुख्यमंत्री पड़ोस के जनपद मऊ में आते हैं और न जाने क्या बोल कर चले जाते हैं और इलाहाबाद लखनऊ में भी हत्याएं हो रही है और कहें तो अपराध की बाढ़ आ चुकी है लेकिन पुलिस का बस एक ही काम रह गया है कि हम किसी को भी मुठभेड़ में मार देंगे तो ऐसे में सवाल यह है कि यह जज लोग किस लिए बैठे हुए हैं इन लोगों को रिटायर कर इन्हें पेंशन दे दिए दीजिए और कानून बना दीजिए एक जो अधिकार न्यायपालिका के पास था यदि कमलेश बिंद पर आरोप था तो उसे पकड़ कर लाए थे उसका चालान करते और आपके पास सबूत था तो गवाही गुजार देते और घटना के फिर में साबित हो जाता है कि कमलेश बिंद इसमें शामिल था तो उसे फांसी की भी सजा हो सकती थी आप कौन होते हैं उसे गोली मार का मौत के घाट उतारने वाले अभी तो यह भी कहा जा रहा है अभी एक और को पकड़ कर रखे हैं घटना हो गया है इसलिए वह बच गया है नहीं तो उसे भी मार देते हैं।





Comments