‼️हादसे में घायल दो युवकों के लिए फरिश्ता बने ARTO धनवीर,अपनी सरकारी बोलेरो से पहुंचाया अस्पताल‼️
‼️हादसे में घायल दो युवकों के लिए फरिश्ता बने ARTO धनवीर,अपनी सरकारी बोलेरो से पहुंचाया अस्पताल‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
सितंबर बुधवार 16-9-2026
ग़ाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर सड़क हादसे के बाद अक्सर सड़क पर भीड़ जमा हो जाती है। लोग घायल की मदद करने के बजाय मोबाइल निकालकर फोटो और वीडियो बनाने लगते हैं। ऐसे समय में अगर कोई इंसान अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर घायल को अस्पताल पहुंचा दे, तो वह उसके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं होता। गाजीपुर के ARTO धनवीर कुमार और उनकी टीम ने 1 सप्ताह लगातार 2 ऐसे ही मानवीय संवेदना के दो उदाहरण पेश किए हैं। पहली घटना नंदगंज थाना क्षेत्र में गोरखपुर-वाराणसी हाईवे की है। ऑपरेशन वाहन अज्ञात की चेकिंग के दौरान ARTO धनवीर कुमार की नजर सड़क पर घायल पड़े युवक पर पड़ी। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन इंतजार के बावजूद समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। घायल की हालत और गोल्डन ऑवर की अहमियत को देखते हुए ARTO ने एक पल भी गंवाए बिना अपनी सरकारी बोलेरो से घायल को करीब 24 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल गाजीपुर पहुंचाया और भर्ती कराया।

घायल युवक के मोबाइल पर लॉक लगा होने के कारण तत्काल उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। बाद में फोन आने पर पता चला कि घायल गोरखपुर का रहने वाला सोनू है, जो बेंगलुरु से अपने घर लौट रहा था। समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। इतना ही नहीं, ARTO धनवीर ने उसके बस में छूटे सामान को भी बरामद कराया, जिसमें सोने की चेन और अन्य जेवरात शामिल थे।
कुछ ही दिनों बाद ARTO धनवीर ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की। नीलगाय की टक्कर से घायल बाइक सवार सड़क पर पड़ा था। एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने पर उन्होंने अपनी सरकारी बोलेरो से घायल को करीब चार किलोमीटर दूर CHC पहुंचाया, जहां तत्काल उसका इलाज शुरू हुआ।
लगातार दो घटनाओं में ARTO की इस पहल ने लोगों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनकी जमकर सराहना हो रही है। ARTO ने लोगो से अपील किया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर भीड़ लगाकर फोटो और वीडियो बनाने के बजाय घायल की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि हादसे के बाद बिताया गया हर एक मिनट किसी की जिंदगी और मौत के बीच का फर्क हो सकता है।





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