‼️सूखे की आशंका से अलर्ट हुआ कृषि विभाग!..समय रहते फसल बीमा और वैज्ञानिक खेती अपनाने की दी सलाह‼️
- alpayuexpress
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‼️सूखे की आशंका से अलर्ट हुआ कृषि विभाग!..समय रहते फसल बीमा और वैज्ञानिक खेती अपनाने की दी सलाह‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जुलाई शनिवार 4-7-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर जनपद में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है, जिससे खरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल धान की खेती प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए कृषि विभाग किसानों को समय रहते फसल विविधीकरण अपनाने और फसल बीमा कराने की सलाह दे रहा है।

जनपद में अधिकांश किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। धान की नर्सरी (ढैंचा/बिचड़ा) भी लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण अब तक बड़े स्तर पर रोपाई शुरू नहीं हो सकी है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई में देरी होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।
इसी स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने की सलाह दे रहा है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि किसान धान के साथ-साथ तिलहन और मिलेट्स (श्री अन्न) जैसी फसलों की खेती करें। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में बेहतर उत्पादन देती हैं और मौसम की अनिश्चितता के बीच किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती हैं।
उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का समय से बीमा कराने की भी अपील की है। उनका कहना है कि यदि सूखा, कम वर्षा या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को नुकसान होता है तो बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी और नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
उधर, जिला प्रशासन ने भी सिंचाई व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर नहरों और माइनरों में समय से पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है वहां किसान बिना अधिक देरी के धान की रोपाई शुरू कर सकें। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि नहरों में पानी की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि कृषि विभाग लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहा है। किसानों को जल संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कम पानी वाली फसलों के चयन तथा वैज्ञानिक खेती की तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि यदि वर्षा सामान्य से कम भी हो तो किसान वैकल्पिक खेती अपनाकर अपनी आय और उत्पादन दोनों को सुरक्षित रख सकें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें, विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करें, समय से फसल बीमा कराएं और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग करें। समय पर सही निर्णय लेने से संभावित सूखे की स्थिति में भी नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।





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