‼️मनोविज्ञान शिक्षा को मिलेगा नया आयाम!..डॉ. मनोज कुमार सिंह को अध्ययन परिषद की बड़ी जिम्मेदारी‼️
- alpayuexpress
- 11 hours ago
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‼️मनोविज्ञान शिक्षा को मिलेगा नया आयाम!..डॉ. मनोज कुमार सिंह को अध्ययन परिषद की बड़ी जिम्मेदारी‼️

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
जुलाई रविवार 5-7-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की कुलपति एवं प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. वंदना सिंह के आदेश पर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विषय की अध्ययन परिषद (बोर्ड ऑफ स्टडीज़) का नवीन गठन किया गया है। इस गठन में गाज़ीपुर जनपद के पी.जी. कॉलेज के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष एवं विभाग प्रभारी डॉ. मनोज कुमार सिंह को अध्ययन परिषद का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को विश्वविद्यालय एवं जनपद के शैक्षणिक जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नवगठित अध्ययन परिषद में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को भी स्थान दिया गया है। बाह्य सदस्य के रूप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध (पीएमआईआर) विभाग के चेयरपर्सन प्रो. संदीप कुमार तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार को नामित किया गया है। दोनों शिक्षाविदों के अनुभव से विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद है।
अध्ययन परिषद में आंतरिक सदस्यों के रूप में डॉ. रविशंकर वर्मा, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. दया सिंधु तथा डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। सभी सदस्य मनोविज्ञान विषय के अनुभवी शिक्षाविद हैं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नवनियुक्त संयोजक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अध्ययन परिषद विश्वविद्यालय के अधिनियम, अध्यादेश एवं परिनियमों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी। इसके साथ ही परिषद का विशेष फोकस मनोविज्ञान के पाठ्यक्रम को समयानुकूल, व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुख बनाने पर रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनोविज्ञान केवल एक अकादमिक विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, औद्योगिक क्षेत्र, कॉर्पोरेट सेक्टर, परामर्श सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य, अनुसंधान एवं प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध करा रहा है। यदि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक शिक्षा मिले तो वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मनोविज्ञान मानव के संज्ञान, संवेग एवं व्यवहार को समझने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसकी गहन समझ व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, निर्णय क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि नई अध्ययन परिषद युवाओं को मनोविज्ञान विषय के प्रति आकर्षित करने, शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
शैक्षणिक जगत से जुड़े लोगों ने डॉ. मनोज कुमार सिंह की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे गाज़ीपुर के लिए गौरव का विषय बताया है। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मानना है कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा विद्यार्थियों को आधुनिक, शोधपरक एवं रोजगारपरक शिक्षा का लाभ मिलेगा।





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