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‼️संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर को ग्राम सभा कहोतरी में माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि, समाजसेवियों ने किया नमन‼️

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  • 8 hours ago
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‼️संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर को ग्राम सभा कहोतरी में माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि, समाजसेवियों ने किया नमन‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ


अप्रैल मंगलवार 14-4-2026

ग़ाज़ीपुर:- खबर गाजीपुर जिले से है जहां पर आज दिन मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम एवं हर्षाेल्लास से ग्राम सभा कहोतरी में मनाई गई। डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थीं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए। उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढ़ेगा। उनका विचार था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने। वहीं

गाजीपुर जनपद के ब्लॉक बिरनो क्षेत्र के ग्राम सभा कहोतरी के अंबेडकर पार्क में ग्राम प्रधान मेवा यादव, नथुनी राम क्षेत्र पंचायत सदस्य, अशोक कुमार समाजसेवी ,जगदीश यादव समाजसेवी , एवं अन्य समाजसेवियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी, वहीं इस।

कार्यक्रम मे ग्राम प्रधान मेवा यादव ने डा0 भीमराव अंबेडकर के जीवन चरित्र की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा बाबा साहब की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, उनके बताए गए विचारों पर चलें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए, सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ. आंबेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अपने सुखसाधनों को छोड़कर देश का हित करें, ऐसे महान व्यक्तियों को नमन करते हैं। देश बदलना है तो शिक्षित होना बहुत ज़रूरी है। बाबा साहब ने समाज में परिवर्तन लाने के लिए अनोखा कार्य किया है, समाज के सभी वर्ग एक ही पंक्ति में खड़े हो सकें, ऐसे बाबा साहब के विचार थे। संविधान निर्माण में उन्होंने सभी धर्म, वर्ग, जाति को एक समान करने का विशेष ध्यान रखा। उन्होने कहा कि नारी शक्ति, शिक्षा, मताधिकार सहित आदि अधिकार दिलाने में उनका अहम योगदान हैं। उन्होने कहा कि  भारत एक विविधता भरा देश है और तत्कालीन समय मे यह अनेक विषमताओं से जूझ रहा था। ऐसी परिस्थिति में इन विविधताओं को स्वीकारते हुए अखंड राष्ट्र का निर्माण बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन डॉ. आंबेडकर के नेतृत्व में प्रारूप समिति ने न सिर्फ इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया बल्कि एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो “विविधता में एकता“ जैसे भारतीय मूल्य का साकार रूप था। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा करने में संविधान की अतुलनीय भूमिका है।

वहीं ग्राम प्रधान मेवा यादव ने बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर सभी जनपदवासियों को संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार से बाबा साहब ने संविधान निर्माण के वक्त मानव मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए संविधान का निर्माण किया उसी प्रकार से हम सब अपने निजी जीवन में मानव मूल्यों को आत्मसात करते हुए मानव के हितों की रक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए हमेशा कार्य करें।       

 
 
 

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