‼️यूनाइटेड मीडिया के जिला अध्यक्ष की!.. मुहिम रंग लाई,ग्रामीणों को 21-25 दिन में गैस बुकिंग की राहत‼️
- alpayuexpress
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‼️यूनाइटेड मीडिया के जिला अध्यक्ष की!.. मुहिम रंग लाई,ग्रामीणों को 21-25 दिन में गैस बुकिंग की राहत‼️

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
सितंबर मंगलवार 8-9-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले यूनाइटेड मीडिया पत्रकार एसोसिएशन गाज़ीपुर की एक महत्वपूर्ण मुहिम अब रंग लाती दिखाई दे रही है। जिला पूर्ति अधिकारी गाज़ीपुर ने संगठन के जिला अध्यक्ष को टेलीफोन के माध्यम से अवगत कराया की आप लोगों की जनहित की मुहिम रंग लाई अब घरेलू गैस बुकिंग 45 दिन के बजाय 21 से 25 दिन में होना शुरू हो गया है। यह जानकारी मिलते ही संगठन जिला अध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए निर्धारित करीब 45 दिनों की लंबी समय-सीमा को कम किए जाने की मांग को लेकर संगठन ने जून माह में जिला प्रशासन एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों से आग्रह करते हुए पत्रक सौंपा था। साथ ही शासन स्तर पर भी संबंधित पत्र भेजकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था।

संगठन की ओर से उठाई गई इस मांग के बाद सितंबर माह की शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई है। अब कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 45 दिनों के बजाय 21 से 25 दिनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग की सुविधा मिलने लगी है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं में राहत और संतोष का माहौल है।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए लंबी समय-सीमा आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई थी। गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने सिलेंडर समाप्त होने के बाद दोबारा गैस मिलने तक लंबा इंतजार करने की समस्या रहती थी।
कई परिवारों को घरेलू गैस उपलब्ध न होने की स्थिति में मजबूरी में लकड़ी, उपले तथा अन्य पारंपरिक ईंधनों का सहारा लेना पड़ता था। इससे जहां परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था, वहीं धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी बनी रहती थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस अब विलासिता नहीं बल्कि प्रत्येक परिवार की रोजमर्रा की आवश्यक जरूरत बन चुकी है। ऐसे में गैस बुकिंग की समय-सीमा कम करने की मांग को यूनाइटेड मीडिया पत्रकार एसोसिएशन ने गंभीरता से उठाया।
यूनाइटेड मीडिया पत्रकार एसोसिएशन ने जून माह में जिलाधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी से आग्रह एवं निवेदन करते हुए पत्रक सौंपा था। संगठन ने मांग रखी थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की पुनः बुकिंग के लिए निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा को घटाकर अधिकतम 25 दिन किया जाए।
पत्रक में कहा गया था कि लंबी समय-सीमा के कारण आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस समस्या को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि शासन स्तर पर भी संबंधित पत्र भेजकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की परेशानी और अपनी मांग को सामने रखा।
लगातार प्रयास और प्रशासनिक स्तर पर मांग उठाए जाने के बाद सितंबर की शुरुआत में गैस बुकिंग व्यवस्था में बदलाव देखने को मिला। अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले की अपेक्षा कम समय में दोबारा गैस सिलेंडर बुक कराने की सुविधा उपलब्ध होने लगी है।
इस बदलाव को संगठन अपनी जनहित मुहिम की महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है। हालांकि गैस बुकिंग और आपूर्ति की वास्तविक सुविधा संबंधित क्षेत्र, कंपनी एवं वितरण व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन 45 दिन की लंबी प्रतीक्षा के स्थान पर 21-25 दिनों के भीतर बुकिंग की सुविधा शुरू होना उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है।
इस जनहित मुहिम को आगे बढ़ाने में यूनाइटेड मीडिया के जिला अध्यक्ष आशीष गुप्ता एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संगठन ने लगातार अधिकारियों के समक्ष ग्रामीण उपभोक्ताओं की समस्या को उठाया और समाधान की मांग को मजबूती से रखा।
इस अभियान में उपेन्द्र यादव, विश्व बंधु कमांडर, अविनाश कुमार, बीएन तिवारी, सिंहासन यादव, पवन यदुवंशी, शशिकांत जायसवाल सहित संगठन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
संगठन का कहना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबरों को प्रकाशित करना ही नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को जिम्मेदार अधिकारियों और शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए सकारात्मक भूमिका निभाना भी है। ग्रामीण गैस बुकिंग की समस्या को लेकर उठाई गई आवाज इसका एक उदाहरण है।
“जनहित के मुद्दों पर जारी रहेगी मुहिम”
यूनाइटेड मीडिया पत्रकार एसोसिएशन की इस पहल से ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत मिलने के बाद संगठन से जुड़े लोगों में भी उत्साह है। संगठन का कहना है कि जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों को लगातार प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और जब तक संबंधित समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।
ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की समय-सीमा में कमी को इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। जून में उठी आवाज का सितंबर में असर दिखना इस बात का संकेत है कि संगठित और तथ्यपूर्ण तरीके से उठाई गई जनहित की मांग व्यवस्था में बदलाव का आधार बन सकती है।





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