‼️मेरी शव को कुत्ते नोचेंगे इससे फर्क नहीं पड़ता!..क्योंकि मैने अपना काम ईमानदारी से किया:-सत्यदेव कुमार बारी‼️
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- 18 hours ago
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‼️मेरी शव को कुत्ते नोचेंगे इससे फर्क नहीं पड़ता!..क्योंकि मैने अपना काम ईमानदारी से किया:-सत्यदेव कुमार बारी‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून रविवार 7-6-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर आज राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्यदेव कुमार बारी का आगमन हुआ और इस आगमन के पीछे प्रदेश सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जन चौपाल के आयोजन के साथ ही प्रदेश के कानून व्यवस्था और एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को लेकर बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला प्रत्येक नागरिक सिर्फ वह वोटर नहीं है अन्य पार्टियों की तरह बल्कि हमारे लिए परिवार का वह एक अंग है उसकी पीड़ा हमारे व्यक्तिगत पीड़ा है और इन्हीं भावनाओं को ध्यान में रखकर पिछड़े वर्ग के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है और इसका लाभ आमजन को मिले इसके लिए सरकार हम सभी जंग लोगों को जनप्रतिनिधि के रूप में जागरुक कर रहे हैं आमजन के पीड़ा का समाधान उनके दरवाजे पर ही मिले और न्याय के लिए कहीं भटकना न पड़े इसीलिए जनपद जनपद जन चौपाल के माध्यम से विभागीय अधिकारियों के साथ जन चौपाल करके उनके समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है और बड़ी समस्याओं को लखनऊ ले जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखने का काम कर रहे हैं।
भाजपा सरकार में व्यापारी मारा जा रहा है इस मामले पर उन्होंने कहा कि अपराध हर समय रहा है सरकार अपराधियों पर बहुत तेजी से अंकुश लग रही है वहीं उन्होंने गाजीपुर में एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद पर बोलते हुए कहा कि बहुत कम समय में इन लोगों ने अपराध की दुनिया में बड़ा काम कर दिया जिसमें एक अपराधी मारा गया है सारे अपराधी गिरफ्त में है सरकार पूरी तरह से व्यापारियों के साथ है और कई कानून व्यापारियों के लिए बनने जा रहे हैं।
संजय निषाद के बयान पर कहां की उनका अपना एक व्यक्तित्व है।
एनकाउंटर के सवाल पर कहा कि विपक्ष का काम है सवाल उठाना जब वह सत्ता में थे तो कुछ करना नहीं था और जो एनकाउंटर हो रहा है और यह समझिए की वर्दी में जो एनकाउंटर कर रहे हैं उनका भी परिवार है जब वह गिरफ्तारी के लिए दबिश देते हैं तो गोलियों की बौछार होती है तो उन्हें अपने आत्मरक्षार्थ गोलियां भी चलानी पड़ेगी और जितने भी एनकाउंटर हुए हैं उसमें अपराधियों के द्वारा भी गोली चलाई गई है तब पुलिस के द्वारा जो फायरिंग की गई है उसमें एनकाउंटर हुआ है।
इस दौरान उन्होंने एक बात कही कि मेरी शव यात्रा में 5000 लोग रहेंगे कि नहीं 500 लोग रहेंगे या कुत्ते हमारी लाश को नोचेंगे हमें उससे फर्क नहीं पड़ता हमें फर्क यह पड़ता है कि जीवन के आखिरी क्षण में इस बात की संतुष्टि होनी चाहिए हमने पूरा अपना काम इमानदारी से किया और प्रामाणिकता के साथ किया और एक भी व्यक्ति को अपने जीवन काल में न्याय दिला पाए तो समझेंगे कि हमारा जीवन सफल हो गया इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें जातिगत भावना से ऊपर उठाना पड़ेगा यह समय की मांग है और हमेशा महसूस किया गया है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती।

