‼️मुलायम सिंह यादव की चौथी!..पुण्यतिथि पर सपा ने दी श्रद्धांजलि,शादाब फातिमा ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना‼️
‼️मुलायम सिंह यादव की चौथी!..पुण्यतिथि पर सपा ने दी श्रद्धांजलि,शादाब फातिमा ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अक्टूबर शनिवार 10-10-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि आज समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मनाया जिसके लिए पार्टी कार्यालय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और इस पुण्यतिथि के कार्यक्रम के बहाने सपा कार्यकर्ताओं को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा और एसएआर में वोट चोरी के मामले को लेकर जमकर नेताओं ने अपने भाषण के माध्यम से उन्हें लड़ने की बात कहते नजर आए।

पूर्व मंत्री सैयद शादाब फातिमा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज माननीय मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि मनाया गई है जहां पर सभी कार्यकर्ताओं ने अपना श्रद्धा सुमन उन्हें अर्पित किया उन्होंने बताया कि आज प्रदेश और पूरा देश एक कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है जो आजादी के बाद पहली बार ऐसे माहौल बना है क्योंकि लोग अपने भविष्य को देखते हुए अब सड़क पर उतरने को मजबूर हैं उन्होंने बताया कि कितनी बेशर्मी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी का रास्ता तैयार किया और वह कह रहे हैं इसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट से अप्रूवल भी लिए थे जबकि सुप्रीम कोर्ट ऐसा कुछ भी नहीं कह रहा है ऐसे में भारत का मुख्य चुनाव आयुक्त झूठ बोल रहा है इस दौरान उन्होंने कहा किया SIR इतनी हड़बड़ी में क्यों हुआ जब पश्चिम बंगाल में चुनाव हुआ तो वहां पर एसआईआर का कोई समय भी नहीं मिल पाया था उन्होंने बताया कि चुनाव में उस वक्त लगभग दो लाख लोगों का नाम काटा गया था लेकिन जब जांच हुई तो मात्र 8.5 हजार नाम ऐसे थे जो सही थे ऐसे में जब 8.5 हजार लोगों का नाम काटा है तो बाकी बचे हुए लोगों का क्या होगा ऐसे में लोग कोर्ट भी गए लेकिन कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली और चुनाव हुआ तो ऐसे में हम कह सकते हैं कि यह वोट चोरी का प्रोत्साहन था और इसी का परिणाम था कि हैदराबाद के नालसा अकादमी में जहां लगभग 2 महीने पहले सीजेआई का कार्यक्रम लगा हुआ था लेकिन लोगों के विरोध के चलते उसका कार्यक्रम को निरस्त करना पड़ा था और हम कह सकते हैं कि ऐसा कभी भारत के इतिहास में भी नहीं हुआ था और अभी एक बार फिर से कुछ दिन पहले सिटिंग न्यायाधीश भुइया जी वहां पर गए और उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है कि यहां पर दो तरह के नागरिक होंगे जिसमें एक को वोटिंग राइट होगा और एक कोचिंग राइट नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने आरएसएस के केशव राम हेडगेवार के एक पुस्तक का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने लिखा है कि भारत के संविधान से बड़ा आरएसएस का संविधान है जो उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है यह भी लिखा है कि तिरंगा झंडा हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं हो सकता ऐसे में इनके के पद चिन्ह पर चलने वाले लोग अब हर 15 अगस्त को हर घर तिरंगा अभियान चला रहे हैं इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए बताया कि कि शिक्षकों के लिए अधिक नया कार्य दे दे जो शिक्षा के अलावा चुनाव संबंधित सभी कार्य देखेगा जिसमें जनगणना फिर चुनाव वह देखेगा और इस देश के लाखों नौजवानों को रोजगार मिलेगा।





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