मनरेगा श्रमिकों के हक़-हकूक़ के लिए!..मनिहारी में जागरूकता एवं सदस्यता अभियान हुआ सम्पन्न
- alpayuexpress
- Aug 19
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मनरेगा श्रमिकों के हक़-हकूक़ के लिए!..मनिहारी में जागरूकता एवं सदस्यता अभियान हुआ सम्पन्न

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
अगस्त सोमवार 18-8-2025
गाजीपुर:- खबर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर विकास खण्ड मनिहारी के परिसर में मनरेगा मजदूर संघ के तत्वाधान में सोमवार को मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत श्रमिक जागरूकता एवं संगठन सदस्यता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मनरेगा मजदूरों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में ग्रामीण अंचलों से पहुँचे सैकड़ों श्रमिकों की उपस्थिति ने इसे एक ऐतिहासिक रूप दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रभारी हरेंद्र यदुवंशी ने कहा कि मनरेगा अधिनियम ग्रामीण श्रमिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना दबे-कुचले और बेरोज़गार श्रमिकों की जीविका का प्रमुख साधन है। उन्होंने श्रमिकों से संगठित होकर अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह यादव ने कहा कि जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को कानून के तहत एक वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी जानी चाहिए। यदि किसी ग्राम सभा में कार्य योजना उपलब्ध नहीं है तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रशासनिक लापरवाही के कारण न तो पर्याप्त कार्य मिल रहा है और न ही श्रमिकों को उनका हक़ का भत्ता दिया जा रहा है।
जिला महासचिव मनभाऊ राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि जब कोई श्रमिक कार्य की लिखित मांग करता है तो 15 दिन के अंदर उसे कार्य उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो अधिनियम के प्रावधान के अनुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाना अनिवार्य है। लेकिन आज की स्थिति यह है कि श्रमिकों को न तो समय पर काम मिल पा रहा है और न ही बेरोजगारी भत्ता।
वहीं जिला कोषाध्यक्ष मोहन यादव ने कहा कि मनरेगा मजदूर संघ श्रमिकों के हक़ और अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है और जब तक हर श्रमिक को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों की एकजुटता साफ नज़र आई। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं और पुरुषों ने श्रमिक संगठन की सदस्यता ली और अपने हक़ की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मोनू सिंह, राम ध्यान यादव, मीना देवी, राजेश चौहान, राकेश कुमार, रविन्द्र राम, अजित यादव, विनय कुमार नागर, लछिमन राम, मंन्नू राम, इंद्रजीत पांडेय, नीलम देवी सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रमिकों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि जब तक उन्हें अधिनियम में दर्ज अधिकार पूरी तरह प्राप्त नहीं हो जाते, वे संघर्ष और संगठन की राह से पीछे नहीं हटेंगे।







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