‼️भूमि पैमाइश का नया दौर शुरू!..डीएम बोले- रोवर टेक्नोलॉजी से घटेंगे विवाद,अपीलों का बोझ भी होगा कम‼️
- alpayuexpress
- Jun 30
- 2 min read
‼️भूमि पैमाइश का नया दौर शुरू!..डीएम बोले- रोवर टेक्नोलॉजी से घटेंगे विवाद,अपीलों का बोझ भी होगा कम‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जून मंगलवार 30-6-2026
ग़ाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर पूरे प्रदेश में राजस्व विभाग के द्वारा पूर्व में जरीब के माध्यम से खेतों की नपाई का कार्य किया जाता रहा है जिसके कारण लगातार भूमि विवाद व अन्य राजस्व के मामले आते रहे हैं ऐसे में अब उत्तर प्रदेश सरकार ने अब इस व्यवस्था को बदलते हुए डिजिटल व्यवस्था 1 जुलाई से करने जा रही है जिसे रोवर टेक्नोलॉजी बताया जा रहा है और इस टेक्नोलॉजी से 1 जुलाई से गाजीपुर जनपद के सभी तहसीलों में धारा 24 के अंतर्गत खेतों के पैमाइश का कार्य अब शुरू किया जाएगा इसी को लेकर गाजीपुर के जिलाधिकारी ने आज एक प्रेस वार्ता किया और प्रेस वार्ता के माध्यम से लोगों को इस नई टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया है।
उन्होंने बताया कि धारा 24 के माध्यम से बहुत सारे लोग अपने भूमि की पैमाइश करना चाहते हैं जिसमें पहले करीब के माध्यम से पैमाइश हुआ करती थी लेकिन अब नई टेक्नोलॉजी रोवर से अब कार्य किया जाएगा जिसमें भारत सरकार की सेटेलाइट सिस्टम जो है उसे प्रयोग करके अब जमीन की पैमाइश की जाएगी और इसमें एक्यूरेट पैमाइश की जाएगी जिसमे 3 सेंटीमीटर का प्लस और माइनस हो सकता है और इसके लिए 1 जुलाई से ही इस नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने का शासन से निर्देश दिया गया है और इसको लेकर अब गाजीपुर जनपद के सभी सात तहसीलों में एक-एक रोवर उपलब्ध करा दिया गया है जिससे अब कार्य करने में राजस्व विभाग को समस्या नहीं रहेगी।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई को प्रत्येक तहसीलों में रोवर टेक्नोलॉजी और फिर पुरानी टेक्नोलॉजी से खेतों की पैमाइश की जाएगी और फिर दोनों के रिजल्ट को लेकर आकलन किया जाएगा ऐसे में भविष्य में पैमाइश एक्यूरेट हो इसको लेकर इस टेक्नोलॉजी को विकसित किया गया है। और इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद लोगों के भूमि के विवाद के जो मामले हैं उसमें भी कमी आने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि भूमि की पैमाइश के दौरान सही निर्धारण नहीं होने पर लोग अपील करते हैं और उनकी अपील लगातार पेंडिंग रहती हैं और इस टेक्नोलॉजी से लोगों के विवाद का समाधान करने का कार्य शासन के द्वारा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रोवर टेक्नोलॉजी एक इंस्ट्रूमेंट है जो पहले करीब के माध्यम से नापा जाता था और उसमें एक फिक्स बिंदु तय किया जाता था और उसके बाद ही पैरामीटर तय होता था उन्होंने बताया कि यह टेक्नोलॉजी सैटेलाइट को यूज करता है।
उन्होंने बताया कि इस टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने के पीछे सरकार का मंशा है कि जो भी जमीनी विवाद के मामले आते हैं उसे कम से काम किया जाए और इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से जल्द ही लोगों के विवाद का समाधान निकलेगा।





Comments