‼️निपुण संकल्प कार्यशाला में डीएम का निर्देश!..शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी दें जोर‼️
- alpayuexpress
- 9 hours ago
- 2 min read
‼️निपुण संकल्प कार्यशाला में डीएम का निर्देश!..शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी दें जोर‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जुलाई गुरुवार 23-7-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गुरुवार को जलसा गार्डन, वबेड़ी (गाजीपुर) में समग्र शिक्षा के तत्वावधान में निपुण संकल्प कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला में गाजीपुर और बलिया जनपद के शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला तथा विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच संचालन दुर्गेश सिंह ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह ने मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए जनपद में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों से मिशन को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के अधिगम स्तर का सही मूल्यांकन करने के लिए प्रत्येक माह पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण मासिक परीक्षण कराए जाएं, ताकि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर समयबद्ध सुधार किया जा सके। डीएम ने कहा कि शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए, जिससे अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिले।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्य, ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी जरूरी है। शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक डिजिटल तकनीक, टीएलएम और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग कर कठिन विषयों को भी सरल और रोचक बनाया जाए। उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और रुचि के अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने की अपील की, ताकि कोई भी छात्र सीखने की प्रक्रिया में पीछे न रह जाए।





Comments