‼️निजी स्कूलों की मनमानी खत्म!..करने को बोर्ड सख्त,छात्रों के लिए पुस्तक मेला आयोजित‼️
- alpayuexpress
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‼️निजी स्कूलों की मनमानी खत्म!..करने को बोर्ड सख्त,छात्रों के लिए पुस्तक मेला आयोजित‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अप्रैल गुरुवार 16-4-2026
ग़ाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर शिक्षा का नया सत्र आरंभ होने के बाद निजी विद्यालय के द्वारा किताबों को लेकर हो रही मनमानी जो छात्र और अभिभावकों के हित में नहीं है इसी को ध्यान में रखकर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य कर दिया है और यह अनिवार्यता माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत चलने वाले निजी और सरकारी विद्यालयों पर लागू होगी और उस आदेश में कुछ प्रकाशको की किताबों को चिन्हित भी कर दिया गया था कि उन्ही प्रकाशको की किताबें छात्रों के हित में पढ़ाई के लिए प्रयोग किया जाएगा और अब उन प्रकाशको की किताबें गाजीपुर जनपद में विभिन्न बुक स्टालों के माध्यम से पहुंच चुकी है इसी को लेकर आज माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्र हित में एक पुस्तक मेला का आयोजन किया जिसमें विभिन्न विद्यालय के छात्रों को आमंत्रित किया गया था जिसमें उन लोगों को किताबों का डेमो दिखलाया गया और बताया गया कि इन्हीं प्रकाशकों की किताबें अब 9 से 12 तक की क्लास में चलाई जाएगी जो जनपद के कुछ बुक स्टॉल और दुकानों पर मिलेगी आज इस जानकारी पर सैकड़ो की संख्या में छात्र राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज में लगे इस पुस्तक मेले में शामिल हुए और उन पुस्तकों को देखा।
इस पुस्तक मेले को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव के द्वारा निर्देश दिया गया था माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय जो संचालित हो रहे हैं उनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों तक यह मैसेज पहुंचाना था की बोर्ड ने जो एनसीईआरटी की किताबों को अडॉप्ट किया है वह अधिकृत विक्रेता के माध्यम से ही खरीदारी किया जाए और अन्य पुस्तकों के बजाय इन पुस्तकों के लिए लोगों को आकर्षित किया इसको लेकर यूपी बोर्ड के द्वारा तीन प्रकाशको को इन किताबों के लिए अधिकृत किया गया है और उन किताबों को जनपद के अधिकृत डीलर के माध्यम से जनपद में किताबों के स्टाक को मंगाया गया है और आज एक पुस्तक मेले का आयोजन किया गया । जिसमें छात्र-छात्राएं या उनके अभिभावक उन अधिकृत पुस्तकों के बारे में जानकारी हासिल कर सके और उन्ही पुस्तकों की खरीदारी करें जिससे कि उन्हें कम पैसे में पुस्तक के मिल सके।





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