‼️त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज!..ओबीसी प्रतिनिधित्व का आकलन करने पहुंची आयोग की टीम‼️
‼️त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज!..ओबीसी प्रतिनिधित्व का आकलन करने पहुंची आयोग की टीम‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
नवम्बर रविवार 1-11-2026
ग़ाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन और आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में आयोग के सदस्यों की टीम ने गाजीपुर पहुंचकर कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का वास्तविक आकलन करना तथा त्रिस्तरीय पंचायतों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व और आरक्षण से जुड़े तथ्यों का संकलन करना रहा। आयोग ने आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में पिछड़े वर्ग की आबादी, राजनीतिक भागीदारी और वर्तमान प्रतिनिधित्व की स्थिति की जानकारी हासिल की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद तथा अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत ने आयोग के समक्ष जिले की पंचायतों से संबंधित आवश्यक जानकारियां और उपलब्ध आंकड़े प्रस्तुत किए। इसके बाद आयोग ने जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों तथा ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद किया। उनसे विभिन्न पिछड़ी जातियों की आबादी, गांवों में उनकी वास्तविक संख्या, राजनीतिक भागीदारी, ग्राम प्रधानों के चुनाव में जातीय समीकरण और पंचायतों में उनके प्रतिनिधित्व के संबंध में जानकारी ली गई। दरअसल, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था निर्धारित की है। इसके तहत पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति का समकालीन और अनुभवजन्य अध्ययन करने के लिए समर्पित आयोग का गठन, आयोग के माध्यम से पिछड़ेपन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन तथा उस आकलन के आधार पर निकायवार आरक्षण की सिफारिश करना जरूरी है। साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी के कुल आरक्षण पर निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा का भी ध्यान रखना होता है।
इसी कानूनी व्यवस्था के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का उद्देश्य केवल पिछड़े वर्गों की आबादी की गणना करना नहीं, बल्कि यह भी पता लगाना है कि पंचायतों में विभिन्न पिछड़ी जातियों का वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व कितना है और उनकी भागीदारी में किस तरह की असमानताएं मौजूद हैं।





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