‼️तीन बच्चों को चाय में जहर देकर!..मारने वाली मां को उम्रकैद और 50 हजार का जुर्माना‼️
‼️तीन बच्चों को चाय में जहर देकर!..मारने वाली मां को उम्रकैद और 50 हजार का जुर्माना‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
नवम्बर गुरुवार 5-11-2026
गाज़ीपुर:- एक मां अपने बच्चों की सलामती के लिए मंदिरों और मस्जिदों में माथा टेकती है, दुआएं मांगती है और जिंदगी भर उनकी खुशियों के लिए संघर्ष करती है। मां की ममता को बच्चों के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित रिश्ता माना जाता है। लेकिन गाजीपुर में सामने आया एक ऐसा मामला इस रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला है, जहां एक मां ने ही अपने जिगर के तीन टुकड़ों को मौत के घाट उतार दिया। मामला वर्ष 2022 का है। गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र के ढढ़नी गांव में 15 अगस्त को पारिवारिक अनबन के चलते सुनीता नाम की महिला ने अपने मायके में अपने ही तीन बच्चों को चाय में जहर दे दिया था। इस दर्दनाक घटना में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी बेटी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिस मां की गोद बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है, उसी मां के हाथों तीन मासूमों की जिंदगी खत्म हो गई।

इस मामले में आरोपी महिला के देवर ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने आरोपी सुनीता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
सजा सुनाते हुए अदालत ने बेहद गंभीर टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था में माता का स्थान बच्चों के लिए ईश्वर के समान माना गया है। बच्चे अपने परिवार में सबसे अधिक विश्वास अपनी मां पर करते हैं। अभियुक्त ने जिन तीन बच्चों को नौ महीने तक अपने गर्भ में पाला, उन्हीं के प्रति क्रूरता करते हुए इस जघन्य घटना को अंजाम दिया। यह कृत्य केवल मां और बच्चों के पवित्र रिश्ते को ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला है। तीन मासूमों की जिंदगी छीनने वाली मां को आखिरकार उसके अपराध की सजा मिल गई। लेकिन सवाल आज भी वही है कि जिन बच्चों के लिए मां की गोद दुनिया का सबसे महफूज ठिकाना होती है, आखिर उन मासूमों का कसूर क्या था?





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