⭕छावनी लाइन के सरैया में!..जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त,बच्चों का स्कूल जाना हुआ मुश्किल
- alpayuexpress
- 2 days ago
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‼️डीएम साहब...शिकायतों के बावजूद नहीं जागा प्रशासन‼️
⭕छावनी लाइन के सरैया में!..जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त,बच्चों का स्कूल जाना हुआ मुश्किल

किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार
जुलाई मंगलवार 21-7-2026
गाजीपुर:-ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सरैया, पोस्ट छावनी लाइन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण नालियां पूरी तरह कचरे और गाद से भर चुकी हैं, जिससे गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैलने से वातावरण भी दूषित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क पर फैले गंदे पानी के बीच होकर लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना इसी गंदे पानी से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़क जलमग्न होने के कारण फिसलने और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित सफाई कर्मी, छावनी लाइन क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों तथा ग्राम प्रधान उमाशंकर कुशवाहा को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो नालियों की सफाई कराई गई और न ही जलनिकासी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने आईजीआरएस (जन शिकायत पोर्टल) पर भी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल पर मामले के निस्तारण का संदेश तो प्राप्त हो गया, लेकिन धरातल पर आज तक कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दी। नालियां पहले की तरह जाम हैं और गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि ऑनलाइन शिकायतों का कागजी निस्तारण कर दिया जाता है, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी रहती है। इससे लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव की नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा शिकायतों के फर्जी निस्तारण की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और लोगों का जीवन और अधिक प्रभावित होगा।





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