‼️गंगा के बढ़ते पानी के बीच 7 स्कूलों में ऑनलाइन!..8 में सुरक्षित भवनों में पढ़ाई‼️
- alpayuexpress
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‼️गंगा के बढ़ते पानी के बीच 7 स्कूलों में ऑनलाइन!..8 में सुरक्षित भवनों में पढ़ाई‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
सितंबर मंगलवार 8-9-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई को भी निर्बाध बनाए रखने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष व्यवस्था लागू की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रभावित विद्यालयों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

बाढ़ और जलभराव से प्रभावित कुल 15 विद्यालयों में पढ़ाई की व्यवस्था बदली गई है। इनमें 7 विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी, जबकि 8 विद्यालयों के विद्यार्थियों की कक्षाएं नजदीकी सुरक्षित भवनों में ऑफलाइन संचालित की जाएंगी। विभाग का उद्देश्य है कि बाढ़ की विषम परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना उनकी शिक्षा भी लगातार जारी रहे।

विकासखंड रेवतीपुर के चिन्हित तीन विद्यालयों में विद्यार्थियों की कक्षाएं नजदीकी सुरक्षित भवनों में ऑफलाइन संचालित की जाएंगी। भदौरा के पांच प्रभावित विद्यालयों में दो में ऑफलाइन और तीन जलमग्न विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई होगी। जमानिया के छह विद्यालयों में दो में ऑफलाइन तथा चार में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। वहीं मनिहारी के एक बाढ़ प्रभावित विद्यालय को सुरक्षित वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित कर ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
ऑनलाइन कक्षाओं वाले विद्यालयों के शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप, ई-पाठशाला सहित डिजिटल माध्यमों से विद्यार्थियों तक शिक्षण सामग्री, गृहकार्य और आवश्यक अध्ययन सामग्री पहुंचाएंगे। इससे विद्यालय बंद होने की स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
वैकल्पिक भवनों में संचालित होने वाली कक्षाओं को लेकर प्रधानाध्यापकों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि भवन सुरक्षित हों और वहां पेयजल सहित अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें। विभाग ने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का नियमित रूप से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। बाढ़ के बीच शिक्षा विभाग की यह पहल बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई, दोनों को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था के रूप में देखी जा रही है।





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