‼️एमएलसी चुनाव के लिए पीठासीन!..अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू,गाजीपुर में 70 बूथों पर होगा मतदान‼️
‼️एमएलसी चुनाव के लिए पीठासीन!..अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू,गाजीपुर में 70 बूथों पर होगा मतदान‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अक्टूबर गुरुवार 15-10-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर गाजीपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मतदान कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को गाजीपुर के आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र में पीठासीन अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें मतदान प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि जनपद में स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए कुल 70 मतदान केंद्रों पर वोटिंग कराई जाएगी। इनमें 18 बूथ शिक्षक एमएलसी और 52 बूथ स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन की ओर से मतदान की सभी तैयारियों को समय से पूरा करने के साथ ही मतदान कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सीडीओ के मुताबिक, शिक्षक एमएलसी चुनाव में गाजीपुर के लगभग 6 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि स्नातक एमएलसी चुनाव में करीब 49 हजार मतदाता मतदान करेंगे। इस तरह दोनों चुनावों को लेकर जिले में बड़ी संख्या में मतदाता अपने प्रतिनिधि के चयन की प्रक्रिया में भाग लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान पीठासीन अधिकारियों को मतदान शुरू कराने से लेकर मतदान की प्रक्रिया पूरी कराने, निर्धारित नियमों का पालन करने और चुनाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य मतदान के दिन किसी भी तरह की अव्यवस्था या तकनीकी चूक की संभावना को कम करना है।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि आगामी 17 अक्टूबर को पीठासीन अधिकारियों के साथ प्रथम, द्वितीय और तृतीय मतदान अधिकारियों यानी पी-1, पी-2 और पी-3 का भी प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसमें मतदान से संबंधित उनकी भूमिकाओं और दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।फिलहाल, 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रशिक्षण और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।





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