‼️99 इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर शासन का फैसला, मानदेय बढ़कर हुआ ₹25 हजार‼️
- alpayuexpress
- 17 hours ago
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‼️99 इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर शासन का फैसला, मानदेय बढ़कर हुआ ₹25 हजार‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
सितंबर गुरुवार 3-9-2026
गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां डॉक्टर बनने का सपना केवल किताबों, परीक्षाओं और डिग्री तक सीमित नहीं होता। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और अपने पैरों पर खड़े होने का एक बड़ा सपना छिपा होता है। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब युवा डॉक्टर इंटर्नशिप के दौर में पहुंचते हैं, तब भी सीखने और मरीजों की सेवा करने का उनका सफर जारी रहता है। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी कर उनके चेहरों पर खुशी लाने का काम किया है। अब इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों को ₹12,000 की जगह ₹25,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इस फैसले की जानकारी मिलते ही गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।
दरअसल, वर्ष 2021 बैच के करीब 99 डॉक्टरों ने पिछले दिनों मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। डॉक्टरों ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा को पत्रक सौंपकर अपनी समस्या शासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया था। प्रिंसिपल ने उनकी मांग को शासन तक पहुंचाया। इसके बाद शासन ने उनकी समस्या पर संज्ञान लेते हुए मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया।
फैसले की जानकारी मिलते ही इंटर्न डॉक्टरों ने प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और उनका आभार जताया। उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि ₹25 हजार का मानदेय उनके लिए सिर्फ बढ़ी हुई रकम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। उनका कहना है कि अब इंटर्नशिप के दौरान रोजमर्रा के खर्चों के लिए घर से पैसे मांगने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
युवा डॉक्टरों ने इस फैसले के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया। उनके लिए यह बढ़ा हुआ मानदेय आर्थिक राहत के साथ-साथ उस मेहनत और जिम्मेदारी की एक छोटी-सी पहचान भी है, जिसे वे डॉक्टर बनने के बाद मरीजों की सेवा करते हुए निभा रहे हैं।





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