top of page
Search

सिद्धपीठ हथियाराम मठ में!...चातुर्मास महाव्रत के पूर्णाहुति पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे का हुआ आयोजन

  • alpayuexpress
  • Sep 7
  • 2 min read

सिद्धपीठ हथियाराम मठ में!...चातुर्मास महाव्रत के पूर्णाहुति पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे का हुआ आयोजन

ree

किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार


सितम्बर रविवार 7-9-2025

गाजीपुर:-खबर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर अध्यात्म जगत में तीर्थस्थल के रूप में स्थापित सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें पीठाधिपति एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति महाराज द्वारा किया जा रहा चातुर्मास महाव्रत रविवार को समाप्त हुआ। श्रावण प्रतिपदा से शुरू होकर भाद्रपद पूर्णिमा तक चले इस चातुर्मास महाव्रत के पूर्णाहुति पर हवन-पूजन और प्रवचन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें शिष्य-श्रद्धालुओं ने पुण्य-लाभ की कामना के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया। पूर्णाहुति कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ने अपने ब्रह्मलीन गुरु महामंडलेश्वर स्वामी बालकृष्ण यति महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। वक्ताओं ने सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महाराज को परम संत बताते हुए कहा कि इस पवित्र स्थल पर आने से स्थान का नहीं बल्कि व्यक्ति का महत्व बढ़ जाता है। देश के अंदर बहुत से मठ-मंदिर और आश्रम है, परन्तु यह मठ अध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र शक्तिपीठ है। यहां से जो जितना जुड़ता है, वह उतना ही जुड़ता चला जाता है।

महामंडलेश्वर भवानीनन्दन यति महाराज ने चातुर्मास की व्याख्या करते हुए बताया कि चातुर्मास, सनातन वैदिक धर्म में आहार, विहार और विचार के परिष्करण का समय है। चातुर्मास संयम और सहिष्णुता की साधना करने के लिए प्रेरित करने वाला समय है।

ree

इसका सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं है। इस दौरान तप, शास्त्राध्ययन एवं सत्संग आदि करने का तो विशेष महत्व है ही, सभी नियम सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावहारिक दृष्टि से भी बड़े उपयोगी हैं। चातुर्मास धर्म, परम्परा, संस्कृति और स्वास्थ्य को एक सूत्र में पिरोने वाला समय माना जाता है। चातुर्मास संयम को साधने का संदेश देता है। बढ़ती असंवेदनशीलता के समय में संयम की यह साधना और भी आवश्यक हो जाती है। संयमित आचरण से हम न केवल मन को वश में करना सीखते हैं, बल्कि हमें धैर्य और समझ भरा व्यवहार करना भी आता है। चातुर्मास हमें मन के वेग को संयम की रस्सी से बांधने की प्रेरणा देता है। कहा कि चातुर्मास धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आरोग्य विज्ञान व सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चन्द्र ग्रहण पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस मौके पर कथा वाचिका आराधना सिंह, मौनी बाबा मठ कनुआन के महंत सत्यानंद महाराज, संत देवरहा बाबा, डॉ रत्नाकर त्रिपाठी, चोब सिंह, सर्वानंद सिंह, डा. इंद्रजीत सिंह, भुड़कुड़ा के प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, तारावती, अखंड प्रताप सिंह, आचार्य शंभू पाठक, आचार्य अवनीश पाण्डेय, डी एन सिंह, महावीर प्रसाद, मनीष पाण्डेय, डॉ. अमिता दूबे, राधेश्याम जायसवाल, सतीश जायसवाल, लौटू प्रजापति आदि रहे। संचालन डा संतोष यादव ने किया। अंत में लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।

 
 
 

Recent Posts

See All
कोडिन कफ सिरप की अवैध बिक्री बेनकाब!...लखनऊ से जारी पत्र ने खोली पोल,सात लोगों पर मुकदमा दर्ज

कोडिन कफ सिरप की अवैध बिक्री बेनकाब!...लखनऊ से जारी पत्र ने खोली पोल,सात लोगों पर मुकदमा दर्ज सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ नवम्बर शुक्रवार 28-11-2025 ग़ाज़ीपुर:- खबर गाजीपुर जिले से जहां पर मामला तब सामने आ

 
 
 
सचिव–ठेकेदार की साठगांठ से सरकारी धन की लूट!...सिपाह में करोड़ों की इंटरलॉकिंग बनी भ्रष्टाचार की शिकार

सचिव–ठेकेदार की साठगांठ से सरकारी धन की लूट!...सिपाह में करोड़ों की इंटरलॉकिंग बनी भ्रष्टाचार की शिकार सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ नवम्बर बुधवार 26-11-2025 ग़ाज़ीपुर:- खबर गाजीपुर जिले से है जहां कासिमाबाद

 
 
 

Comments


Subscribe Form

  • YouTube
  • linkedin
  • twitter
  • facebook

©2020 by Alpayu Express. Proudly created with Wix.com

<script data-ad-client="ca-pub-7043038300255779" async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script>

google.com, pub-7043038300255779, DIRECT, f08c47fec0942fa0

bottom of page