श्रीजी और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों की!...झांकियों ने मोहा मन,सज्जा प्रतियोगिता में 360 बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा
- alpayuexpress
- Sep 8
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श्रीजी और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों की!...झांकियों ने मोहा मन,सज्जा प्रतियोगिता में 360 बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा

किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार
सितम्बर सोमवार 8-9-2025
वाराणसी:-भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों से रविवार को शिव-काली का दरबार गूंजायमान हो उठा। उद्भव फाउंडेशन वाराणसी के तत्वावधान में शादी घर प्रांगण में आयोजित "श्री राधा-कृष्ण स्वरूप सज्जा प्रतियोगिता" ने पूरे वातावरण को भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया। मंच पर जब छोटे-छोटे बच्चों ने राधा और कान्हा का रूप धरकर अपनी प्रस्तुतियां दीं तो उपस्थित दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से झूम उठे।
इस भव्य आयोजन में कुल 360 प्रतिभागी बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को छह वर्गों में बांटा गया था,लल्ला वर्ग (3 वर्ष तक), कान्हा वर्ग (6 वर्ष तक), कृष्णा वर्ग (12 वर्ष तक), रम्या वर्ग (8 वर्ष तक), किशोरी वर्ग (16 वर्ष तक) और समूह वर्ग (18 वर्ष तक)। हर वर्ग के बच्चों ने अपनी-अपनी आयु और प्रतिभा के अनुरूप राधा-कृष्ण की झांकी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं बनारस स्वर्ण कला केंद्र के प्रबंधक श्री प्रिंस जायसवाल, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. लक्षिता वार्ष्णेय, रिद्धि आर्य, अशोक वार्ष्णेय, समाजसेवी एवं प्रिंस डायमंड होटल की प्रबंधिका पूजा जायसवाल तथा संस्था की अध्यक्ष अनुभा वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से भगवान श्रीकृष्ण के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया।
संस्था की महामंत्री पल्लवी वार्ष्णेय ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया और स्वागत संबोधन में सभी का अभिनंदन किया। संयोजक पायल सरल ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

बच्चों की अद्भुत प्रस्तुतियां:- प्रतियोगिता की प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए अविस्मरणीय रही।
लल्ला वर्ग के नन्हें प्रतिभागियों ने मंच पर माखन खाने की लीलाएं दिखाकर सबका मन मोह लिया।
कान्हा वर्ग के बच्चों ने कालिया नाग वध का दृश्य जीवंत कर दिया।
कृष्णा वर्ग के प्रतिभागियों ने गोवर्धन पर्वत उठाने की झांकी प्रस्तुत की।
वहीं रम्या और किशोरी वर्ग की राधा स्वरूप प्रतिभागिनियों ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर सभा में मौजूद सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लगातार आठ घंटे तक चले इस कार्यक्रम का संचालन नवोदिता भट्टाचार्य, पुष्पकला झा, वर्षा द्वेदी और कुमकुम पटेल ने सफलतापूर्वक किया।
निर्णायक मंडल व संयोजक:- कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक आरती टंडन, रेखा वर्मा, कल्पना गुप्ता, राकेश वर्मा, श्याम कुमार झा, संजय श्रीवास्तव, राजीव टंडन और सनी केसरी की अहम भूमिका रही।
निर्णायक मंडल में अंजना श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, गोविंद वर्मा और भीमसेन सरल शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं के नाम घोषित किए गए:-
लल्ला वर्ग में वेदांत टंडन प्रथम, शिवादित्य त्रिपाठी द्वितीय और रुद्रांशी सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
कान्हा वर्ग में अत्रजा भंडारी, लक्ष्य सेन और अविराज श्रीवास्तव ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कृष्णा वर्ग में विराज वर्मा, अंश गुप्ता और सान्वी सिंह विजेता बने।
रम्या वर्ग में धनश्री वर्मा, आशीष श्रीवास्तव और शैलजा मिश्रा को पुरस्कार मिला।
किशोरी वर्ग में निष्ठा मिश्रा, तृष्णा भट्टाचार्य और इशिता केसरी ने सफलता हासिल की।
संस्था की महामंत्री पल्लवी वार्ष्णेय ने जानकारी दी कि इस आयोजन का उद्देश्य बाल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति बच्चों और समाज को जागरूक करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।







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