‼️तालाब में डूबे किशोर को!..मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी,आईसीयू टीम ने बचाई जान‼️
- alpayuexpress
- 1 day ago
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‼️तालाब में डूबे किशोर को!..मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी,आईसीयू टीम ने बचाई जान‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
जुलाई सोमवार 6-7-2026
गाज़ीपुर:- सत्य कहा जाता है कि डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं। जब जीवन की सारी उम्मीदें खत्म होती नजर आती हैं, तब कई बार डॉक्टर अपनी मेहनत, अनुभव और समर्पण से मरीज को नई जिंदगी दे देते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक मामला गाजीपुर मेडिकल कॉलेज से सामने आया है, जहां डॉक्टरों की तत्परता और लगातार प्रयासों ने मौत से जूझ रहे 17 वर्षीय किशोर को नया जीवन दे दिया।
मामला दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के मलेठी गांव का है। गांव निवासी 17 वर्षीय गोवर्धन रविवार को अपने दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि गोवर्धन को तैरना नहीं आता था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। जब तक साथियों और ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, तब तक वह पानी में काफी देर तक डूबा रहा।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद गोवर्धन को तालाब से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल गाजीपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजन जब उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के अनुसार उसके जीवित बचने की संभावना बेहद कम, लगभग एक प्रतिशत ही थी। लेकिन मेडिकल कॉलेज की आईसीयू टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। किशोर को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर लगातार निगरानी और गहन उपचार दिया गया।
लगातार कई घंटों तक चले उपचार और डॉक्टरों की अथक मेहनत का परिणाम यह रहा कि गोवर्धन की हालत धीरे-धीरे सुधरने लगी। अब वह पूरी तरह होश में आ चुका है और उसकी स्थिति पहले से काफी बेहतर बताई जा रही है।
गोवर्धन के पिता गोलंबर ने भावुक होकर बताया कि उनका बेटा तीन बहनों का इकलौता भाई है। इसी वर्ष उसने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है और उसे फ्लिप स्टंट करने का भी शौक है। उन्होंने कहा कि जब वे बेटे को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे, तब उन्हें उसकी जिंदगी बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और उनके बेटे को नई जिंदगी दे दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज के आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद ने बताया कि जब मरीज अस्पताल पहुंचा था, तब उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। पूरी मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और लगातार निगरानी में रखकर आवश्यक सभी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं अपनाईं। टीम के सामूहिक प्रयासों से मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ है और अब वह खतरे से बाहर है। हालांकि पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए उसे अभी 24 घंटे और डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य की समीक्षा कर अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया जाएगा।





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