‼️जंतर-मंतर से रोकोगे तो!..हिंद महासागर में आंदोलन करेंगे’, पूर्व मंत्री सैयद शादाब फातिमा का बयान‼️
‼️जंतर-मंतर से रोकोगे तो!..हिंद महासागर में आंदोलन करेंगे’, पूर्व मंत्री सैयद शादाब फातिमा का बयान‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ
अक्टूबर मंगलवार 13-10-2026
गाज़ीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर सीजेपी के द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसी को देखते हुए अब गृह मंत्रालय ने नया नोटिफिकेशन जारी करते हुए जंतर मंतर को धरना प्रदर्शन से अलग करते हुए प्रदर्शन के लिए नए स्थानों की घोषणा किया है इसी मामले पर आज गाजीपुर में राम मनोहर लोहिया की जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची पूर्व मंत्री सैयद शादाब फातिमा से बात की गई तो उन्होंने कहां की मैं भारत सरकार से कहूंगी आप पूरे हिंदुस्तान के लिए कह दीजिए कि पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार या घोषणा करती है कि अब पूरे देश में कोई भी धरना प्रदर्शन नहीं करेगा और करेगा तो उसके सीने को गोलियों से छलनी कर देंगे ऐसे उन्होंने कहा कि तुम अगर जमीनों पर संघर्ष करने से रोकोगे तो हम हिंद महासागर में उतर कर हम अपना आंदोलन करेंगे दिखा देंगे कि हम उन महान क्रांतिकारियों के हैं बंसज है।
भारतीय जनता पार्टी के द्वारा ब्राह्मण और वैश्य को लुभाने का काम किया जा रहा है इस सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि पौने 5 साल सरकार के हो गए हैं 24 -25 दिसंबर के बाद कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है तो ऐसे में इतने सालों तक वह क्यों सोते रहे तब उन्हें ब्राह्मण की याद नहीं आई और सिर्फ बुलडोजर दिख रहा था और वैश्य भी नहीं दिख रहे थे और इससे बड़ा क्या होगा कि उसी सरकार के मंत्री और विधायक अपने ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे उन्होंने कहा कि आप सिर्फ भारतीय जनता पार्टी की बात कर रहे हैं हम उसमें उनके सहयोगी दलों को भी जोड़ रहे हैं जिसमें संजय निषाद ओमप्रकाश राजभर और अनुप्रिया पटेल भी शामिल है और इन लोगों ने 4:30 साल तक सत्ता की मलाई चाट चाट कर खाई पनामा सिगरेट कहता था की आखिरी कस तक दमदार ऐसे में संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर ने मलाई खूब जमकर खाई और अब अंतिम समय में इन्हें पिछड़े याद आ रहे हैं यह लोग मछली स्वयं खाते रहे और कांटे में मछली फसाते रहे और अपने बेटे को चुनाव लड़ते रहे धन दौलत भी इकट्ठा की है और आगे न जाने क्या-क्या करेंगे और अब उनकी आंखों में आंसू है कि हमारा समाज कोई दलित घोषित करने को कह रहा है तो कोई आरक्षण की मांग कर रहा है।





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