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भारत के 12 सेंटरों में शुरू हो गया कोरोना के स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल, दिल्ली के एम्स में इस व्यक्त




जुलाई शनिवार 25-7-2020


किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस


नई दिल्ली। आज से दिल्ली के एम्स में भी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है। को-वैक्सीन के ट्रायल का पहला डोज 30 साल के स्वस्थ्य व्यक्ति को दिया गया है। पहले फेज में 375 वॉलंटियर्स को को-वैक्सीन दी जाएगी। दिल्ली के एम्स अस्पताल में 100 वॉलंटियर्स पर को-वैक्सीन का ट्रायल होना है, इनमें से पहले 50 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। देसी कोरोना वैक्सीन ’को-वैक्सीन’ ट्रायल एम्स में शुरू हो चुका है। जानकारी के मुताबिक, एम्स में को-वैक्सीन ट्रायल का पहला डोज 30 साल के हेल्दी वॉलंटियर को दिया गया। पहले दिन 5 वॉलंटियर्स का वैक्सीनेशन होगा। कुल 10 मरीजों पर वैक्सीनेशन के बाद इनकी सेफ्टी का रिव्यू होगा। उसके बाद ट्रायल को आगे बढ़ाया जाएगा। बताया जा रहा है कि एम्स में वैक्सीन के ट्रायल के लिए क्लीनिकल एरिया तैयार किया गया है। यह एरिया इमरजेंसी के पास बनाया गया है, ताकि वैक्सीन का तत्काल कोई रिएक्शन हो तो वॉलंटियर्स को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। यह वैक्सीन दो डोज में दी जाएगी, इसलिए 24 जुलाई को जिन-जिन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, उन्हें 14 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा। दिल्ली एम्स सहित देश के 12 सेंटरों में वैक्सीन का फेज-1 ट्रायल चल रहा है। इनका मुख्य मकसद सेफ्टी का आंकलन करना है। कुछ सेंटरों में वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है और वहां पर वॉलंटियर्स में अभी किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स नहीं पाए गए हैं, जो ट्रायल का पॉजिटिव संकेत है। एम्स में चल रहे वैक्सीन ट्रायल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. संजय राय ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि शुक्रवार को 5 वॉलंटियर्स को वैक्सीन दी जाए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के फेज-1 के ट्रायल में 100 लोगों को शामिल किया जाना है। इसके तहत शुरुआत में 10 लोगों को ही वैक्सीनेशन करेंगे। उनकी रिपोर्ट वैक्सीनेशन की निगरानी कर रही एथिक्स कमेटी को भेजी जाएगी। कमेटी के रिव्यू के बाद वैक्सीनेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन का काम भी साथ-साथ चल रहा है। अब तक 3500 लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सभी को अलग-अलग डेट में एम्स बुलाया जा रहा है और स्क्रीनिंग के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। आईसीएमआर और भारत बायोटैक द्वारा बनाई गई कोविड वैक्सीन के ट्रायल में शामिल होने वाले वॉलंटियर्स के स्क्रीनिंग यानी लैब जांच की जिम्मेदारी डैंग लैब को दी गई है। डैंग लैब के संस्थापक डॉक्टर नवीन डैंग ने कहा कि इस ट्रायल में स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स में ट्रायल में शामिल वॉलंटियर्स की जांच गुरुवार से की जा रही है। ट्रायल में शामिल होने वाले सभी 18 से 55 साल के लोगों की स्क्रीनिंग के लिए ब्लड सैंपल लिया जा रहा है और उन्हें डैंग लैब भेजा जा रहा है। डैंग लैब में स्क्रीनिंग के दौरान कोविड के अलावा डायबिटीज, हाइपरटेंशन, किडनी, लिवर, हार्ट फंक्शन सहित लगभग 50 तरह के पैरामीटर्स की जांच की जा रही है। इस वजह से जांच रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लग रहा है। इस जांच में खरा उतरने वाले लोगों को ही ट्रायल में शामिल किया जाएगा। प्राइवेट लैब को जांच का काम इसलिए दिया गया है, ताकि मरीजों की जांच में अड़चन ना हो। चूंकि एम्स में मरीजों का भी प्रेशर होता है, ऐसे में ट्रायल की स्क्रीनिंग में देरी न हो, इसलिए प्राइवेट लैब को यह जिम्मेदारी दी गई है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने दावा किया है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (एनआईवी) के साथ मिलकर उसने कोविड-19 के लिए भारत की पहली वैक्सीन को सफलतापूर्वक विकसित किया है।

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