top of page
Search
  • alpayuexpress

पत्नी के 6 टुकड़े कर नेपाल भागने की फ़िराक में था पति, लेकिन एक बिजली के बिल और जीन्स ने ऐसे खोल दिया




अगस्त मंगलवार 18-8-2020


किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस


बाराबंकी. जिले में पुलिस ने एक ट्राली बैग में महिला की लाश मिलने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया है। इस वारदात के खुलासे में पुलिस की सबसे बड़ी मदद एक बिजली का बिल और जींस ने की है। क्योंकि पुलिस के लिए इस हत्या की गुत्थी काफी उलझ गई थी।

फिर पुलिस को उस ट्रॉली बैग में एक बिजली का बिल और जींस मिली, जिसमें महिला का लाश थी। इसी ट्रॉली बैग में युवती का शव रखकर फेंका गया था। जिसके बाद तार जोड़ेते-जोड़ते पुलिस आरोपी पति तक पहुंच गई। वहीं आरोपी पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की तेजी ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। एसपी ने राजफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।


छह टुकड़ों में मिली थी लाश


लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर कोतवाली नगर क्षेत्र में सफेदाबाद स्थित केवाड़ी मोड़ के पास ब्रीफकेस और बैग में छह टुकड़ों में एक महिला का शव मिला था। जिसकी शिनाख्त मुंबई के अंबेडकरनगर टाटा वसहत मार्ग भारतनगर निवासी बादशाह शेख की पुत्री मालन बादशाह शेख उर्फ आयशा के रूप में हुई थी। जिसे लखनऊ के इंदिरानगर में हत्या के बाद उसके पति ने छह टुकड़ों में काटा था। आरोपी को सर्विलांस जरिये ट्रैस कर लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र के मुंशी पुलिया से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।


आपको बता दें कि आयशा की हत्या पांच जुलाई को आपसी विवाद के बाद लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में सेक्टर 14 में रह रहे उसके पति समीर खान ने लोहे की रॉड से की थी। समीर बलरामपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के गुलरिहा का रहने वाला है। समीर मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में एक चिकन शॉप में काम करता था और लॉकडाउन के दौरान मार्च में लखनऊ लौटा था। आयशा की मौत के बाद समीर बाजार से चापड़ और शव को पैक करने के लिए अन्य सामग्री खरीदकर लाया था और उसी रात छह टुकड़ों में काटकर ब्रीफकेस और बैग में भरकर कार से ले जाकर फेंक दिया था।


बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि जिस ब्रीफकेस में महिला का शव मिला था, उसमें पुलिस को दो अहम सुराग मिले। पहला सुरागा था, बैग में रखी आरोपी की जींस। जिसमें लखनऊ के पार्क के दो टिकट थे। दूसरा अहम सुराग था बैग की चेन में रखा बिजली का बिल। यह बिल इतना पुराना था कि उसमें कुछ ही नंबर दिख रहे थे। जिके बाद पुलिस ने इन्हीं दो सबूतों के आधार पर अपनी पुलिस ने पड़ताल शुरू की। यह बिल एक महिला के नाम था। पुलिस जब इस महिला तक पहुंची तो उसने बताया कि वह मकान उसने समीर को बेचा हुआ है।

यहीं से पुलिस को समीर का नंबर मिला। जिसके बाद पुलिस ने समीर की मोबाइल डिटेल खंगाली तो उसकी लोकेशन की भी पुष्टि हुई। हालांकि आरोपी ने उस मोबाइल को बंद कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद ली। यहां से आरोपी का नया नंबर मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया आरोपी समीर खान नेपाल भागने की जुगत में था।

1 view0 comments

תגובות


bottom of page