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जय की लग्जरी कार में लगा सचिवालय का पास निकला फर्जी




जय की लग्जरी कार में लगा सचिवालय का पास निकला फर्जी


जुलाई गुरुवार 23-7-2020


किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस


लखनऊ। बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे को कारतूस सप्लाई करने वाला जय बाजपेई लग्जरी कार में विधानसभा का फर्जी पास चस्पा करके चलता था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर अब जय के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। वहीं, विजय नगर में मिलीं तीनों कारों के बारे में काकादेव पुलिस और तथ्य जुटा रही है। दूसरी ओर लखनऊ में सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला फर्जी प्रवेश पत्र बनाने का है। इसकी कानपुर पुलिस इसकी जांच करेगी।

विकास के खजांची जय ने रसूख जमाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। काकादेव पुलिस ने पांच जुलाई को विजय नगर से लावारिस हालत में तीन लग्जरी कारें बरामद की थीं। जांच में पता चला कि इनका इस्तेमाल जयकांत कर रहा था। पुलिस का दावा है कि इन कारों का इस्तमाल विकास को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए किया जाना था लेकिन सख्ती के चलते कारें बाहर नहीं जा पाईं। चेकिंग के चलते गाड़ियां लावारिस हालत में छोड़ी गईं। फॉर्च्यूनर के विंड स्क्रीन पर लगे पास में विधायक और विधानसभा सचिवालय का पास चस्पा था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पास फर्जी है। इस नंबर का पास किसी और विधायक को जारी किया गया था। उसके पास की कॉपी करने के बाद गाड़ी नंबर बदलकर पास का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था। अब इसकी भी जांच होगी कि इस पास के जरिए जय कितनी बार सचिवालय और विधानसभा गया था। इसका भी रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। वह किन-किन लोगों से मिला यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फर्जी पास सामने आने के बाद से भी जय के करीबी नेता और मंत्रियों की धड़कन बढ़ गई है। फॉर्च्यूनर सचेंडी निवासी राहुल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है लेकिन उससे जय चलता था। जांच पूरी होने के बाद जय के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा गया तो गाड़ी मालिक भी जांच के दायरे में आएगा। क्योंकि उसके नाम से रजिस्टर्ड गाड़ी पर फर्जी विधानसभा का पास चस्पा था।

विकास दुबे के फाइनेंसर जय वाजपेयी की गाड़ी पर लगा सचिवालय का पास अलीगंज, एटा के विधायक सत्यपाल सिंह राठौर के नाम से जारी किया गया है। विधायक और जय की गाड़ी पर लगे पास के नंबर एक ही है। जानकारी मिलते ही विधायक लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बुधवार की दोपहर को विधायक को इसकी जानकारी मिली। इसके लिए सचिवालय से उनके पास फोन भी आया। विधायक को गाड़ी पर मिलने वाला पास सचिवालय से जारी होता है। विधायक सत्यपाल सिंह राठौर का कहना है कि ये पास सचिवालय से बनकर मिलता है। इस नंबर के पास के लिए फर्जीवाड़ा किया गया है। सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि यह फर्जी पास का मामला प्रतीत होता है क्योंकि विधायक के नाम व उनके वाहन संख्या के अनुसार जारी पास संबंधित विधायक के वाहन पर लगा है और वे स्वयं उस पास लगे वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस वाहन पर फर्जी पास लगा है उसका वाहन नम्बर अलग है। हालांकि विधायक की गाड़ी पर लगे पास का सिरियल नम्बर और फर्जी पास वाले वाहन पर लगे पास का सिरियल नम्बर एक है।

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