Search
  • alpayuexpress

गरीब बच्चे की इच्छा कि वह बड़ा होकर पुलिसवाला बने, इसलिए खुद पढ़ा रहे SHO विनोद दीक्षित




जुलाई रविवार 26-7-2020


किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस


देश के भविष्य बच्चों के लिए गाजीपुर जिले की पुलिस भी अछूती नहीं है इसी तरह गाजीपुर जिले के शादियाबाद थाना अंतर्गत पड़ने वाले हंसराजपुर चौकी प्रभारी प्रशांत चौधरी त्योहारों में गरीब बच्चों के साथ मनाते हैं त्यौहार


इंदौर। पुलिस की नौकरी आसान नहीं! कोरोना काल के दौरान इन जांबाजों ने घंटो लंबी शिफ्ट की। दूसरों को बचाने की खातिर खुद भी कोरोना से संक्रमित हुए। परिवार से दूर रहे। इन दिनों स्कूल बंद है। बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं। लेकिन बहुतों के पास इंटरनेट आदि जैसी सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में इंदौर के पलासिया थाने में एसएचओ विनोद दीक्षित ने एक गरीब बच्चे को खुद पढ़ाना शुरू किया और अल्पायु एक्सप्रेस न्यूज़ के टीम का दिल जीत लिया।


बता दे पलासिया थाना प्रभारी विनोद दीक्षित लॉक डाउन के दौरान क्षेत्र में ड्यूटी दे रहे हैं। और जिस कोरोना काल के समय थाना प्रभारी बेख़ौफ़ होकर काम कर रहे थे इस दृश्य से बच्चा काफी इम्प्रेस हुआ और उसने थाना प्रभारी के पास आकर गुहार लगाई की वह भी आप जैसा बनाना चाहता है तो थाना प्रभारी ने बच्चे को कहा कि मेरे जैसा बनने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। पढ़ाई के साथ ही शारीरक रूप से भी मजबूत होना पड़ता है।


बच्चे को थाना प्रभारी की बात इस कदर घर कर गई कि उसने उसी दिन से मेहनत करना शुरू कर दी। वही बच्चे की मेहनत और लगन को देखते हुए ख़ुद थाना प्रभारी ने उसे पढ़ाने का जिम्मा उठाया और रोज रात को ड्यूटी के साथ चौरहे पर बच्चे को पढा रहे हैं और यह क्रम पिछले कई महीनों से लगातार जारी है।


वही थाना प्रभारी का भी कहना है कि बच्चे का नाम राज है, जिससे वह पेट्रोलिंग के दौरान मिले थे। उस वक्त बच्चे ने उनसे कहा था कि वो एक पुलिसकर्मी बनना चाहता है। लेकिन गरीबी के कारण वह ट्यूशन की फीस नहीं दे सका। इसके बाद विनोद ने खुद उसे इंग्लिश और गणित पढ़ाने का फैसला किया। बच्चे की लगन को देखते हुए मै खुद उसे काफी दिनों से पढ़ा रहा हूं और उसकी हर तरह से मदद कर रहा हूं। वही यह सब करने से काफी सकून मिलता है।


वहीं इस, संबंध में बच्चे का कहना है कि कोरोना काल मे पुलिस का काम देखकर काफी प्रभावित हुआ और उसी दिन थाना प्रभारी से गुहार लगाई की आप जैसा बनाना है। वही थाना प्रभारी ने बच्चे की गुहार को देखते हुए उसकी इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उठाया और यह क्रम अभी भी लगातार जारी है। इस नेक काम के लिए एसएचओ विनोद की खूब तारीफ हो रही है। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसे लोगों को देश का लीडर होना चाहिए।

1 view0 comments