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महज उपचार पद्धति नहीं बल्कि प्रकृति के साथ सहजीवी संबंध की अभिव्यक्ति भी है आयुर्वेद पद्धति - डॉ. रज

महज उपचार पद्धति नहीं बल्कि प्रकृति के साथ सहजीवी संबंध की अभिव्यक्ति भी है आयुर्वेद पद्धति - डॉ. रजनीश


नवम्बर सोमवार 16-11-2020


मोहम्मद इसरार, पत्रकार (सैदपुर)-अल्पायु एक्सप्रेस]



खानपुर। क्षेत्र के सिधौना स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया। डॉ रजनीश यादव ने कहा कि आयुर्वेद मानवता की मूल स्वास्थ्य परंपरा में मात्र चिकित्सा प्रणाली ही नहीं है बल्कि आयुर्वेद प्रकृति के साथ हमारे सहजीवी संबंध की अभिव्यक्ति भी है। कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं ने अपना प्रभाव दिखाया और पूरे विश्व को आयुर्वेदिक दवाओं व जड़ी-बूटियों के उपयोग के लिए विवश कर दिया। भारत सरकार ने उसी आयुर्वेद के वशीभूत आयुष काढ़ा के प्रचलन को बढ़ावा दिया और उसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है। कहा कि आयुर्वेद और उसके अद्वितीय उपचार सिद्धांतों की शक्तियों का प्रयोग करके आयुर्वेद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति बनाई जा सकती है। इसकी क्षमता का उपयोग करके रोग और संबंधित मृत्यु दर को कम करने की दिशा में काम करने के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में योगदान के लिए किया जा सकता है। इस मौके पर डॉ अतुल कुमार, डॉ हरिशंकर, डॉ गजेंद्र पाल, डॉ संतोष कुमार आदि रहे।

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