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एयरोस्पेस प्रोडक्ट के निर्माण के लिए ऑटोक्लेव मशीन लेकर एक विशेष ट्रक 10 महीने में महाराष्ट्र के नास




एयरोस्पेस प्रोडक्ट के निर्माण के लिए ऑटोक्लेव मशीन लेकर एक विशेष ट्रक 10 महीने में महाराष्ट्र के नासिक से केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचा है


जुलाई रविवार 19-7-2020


किरण नाई - मुख्य संपादक


एयरोस्पेस प्रोडक्ट के निर्माण के लिए ऑटोक्लेव मशीन लेकर एक विशेष ट्रक 10 महीने में महाराष्ट्र के नासिक से केरल के तिरुवनंतपुरम पहुंचा है। इस ट्रक में 74 पहिए हैं और वो 1700 किमी. का सफर तय कर केरल पहुंचा है। पांच राज्यों के हर जिले से जब ये ट्रक गुजरता था तो किसी और गाड़ी को वहां से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाती थी। 70 टन वजन ले जा रहे इस ट्रक की सुरक्षा में पुलिस की गाड़ी साथ होती थी। विशेष ट्रक के लिए आगे का रास्ता बनाने के लिए कुछ जगहों पर गड्ढे वाली सड़कों की मरम्मत की गई थी, पेड़ों की कटाई की गई और बिजली के खंभों को हटाया गया था।  74 टायर वाला वीआईपी ट्रक 70 टन वजन वाली मशीन एयरोस्पेस ऑटोक्लेव लेकर गंतव्य स्थल केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर पहुंचा। साधारण तौर पर एक ट्रक इतनी दूरी को 5 से 7 दिन में तय कर लेता है लेकिन इसे 10 महीने लग गए। ट्रक की यह यात्रा पिछले साल एक सितंबर को शुरू हुई थी। इस गाड़ी पर सवार एक कर्मचारी सुभाष यादव ने कहा, लॉकडाउन ने हमारे सफर को और कठिन कर दिया। आंध्र प्रदेश में लॉकडाउन की वजह से एक महीने तक गाड़ी को रोक कर रखा गया। बाद में कांट्रैक्ट एजेंसी को दखल देना पड़ा। उन्होंने कहा कि वोल्वो एमएम सीरिज ट्रक के साथ हमारी 30 सदस्यीय टीम में इंजीनियर्स और मैकेनिक्स भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि ट्रक में मौजूद मशीन की ऊंचाई 7.5 मीटर है और इसकी चौड़ाई 7 मीटर है। इसकी वजह से चेसिस काफी मजबूत बनाया गया। कुछ जगहों पर इसके आगे जाने के लिए सड़कें चौड़ी की गईं और पेड़ काटे गए।विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि इस मशीन को अलग-अलग नहीं किया जा सकता है। ऑटोक्लेव का इस्तेमाल कई कार्यक्रमों के लिए बड़े एयरोस्पेस प्रोडक्ट के निर्माण में होगा ।

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