top of page
Search

‼️60 हजार से 5 लाख तक की जामदानी!..साड़ियां बनेंगी नंदगंज में,डीएम ने किया कारखाने का उद्घाटन‼️

  • alpayuexpress
  • 7 days ago
  • 2 min read

‼️60 हजार से 5 लाख तक की जामदानी!..साड़ियां बनेंगी नंदगंज में,डीएम ने किया कारखाने का उद्घाटन‼️

सुभाष कुमार ब्यूरो चीफ

अगस्त मंगलवार 4-8-2026

गाजीपुर:- ख़बर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर पारंपरिक हथकरघा उद्योग अब आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग के साथ नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में नव निर्मित हथकरघा कारखाने का उद्घाटन किया। इस दौरान बुनकरों के लिए कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। खास बात यह है कि यहां बनने वाली जामदानी साड़ियों की कीमत 60 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक होती है और इन्हें देश के बड़े कॉरपोरेट घराने भी खरीदते हैं।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर गाजीपुर के नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में नव निर्मित हथकरघा कारखाने का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने किया। इस मौके पर आयोजित समारोह में हथकरघा बुनकरों के हित में कई योजनाओं की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बुनाई कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए बुनकरों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके रोजगार को नई दिशा देना रहा।

समारोह के दौरान हथकरघा बुनकरों के लिए 45 दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण में बुनकरों को आधुनिक डिजाइन, नई बुनाई तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले बुनकरों को जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण किट भी वितरित की और उन्हें अपने हुनर के माध्यम से स्वरोजगार बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि हथकरघा उद्योग गाजीपुर की पहचान और स्थानीय रोजगार का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि बुनकरों के उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि उन्हें उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र बुनकर तक पहुंचे।

हथकरघा कारखाने के संचालक अकबर हुसैन ने बताया कि उनके कारखाने में तैयार होने वाली जामदानी साड़ियां पूरी तरह हस्तनिर्मित होती हैं। इनकी कीमत 60 हजार रुपये से शुरू होकर 5 लाख रुपये तक होती है। एक साड़ी तैयार करने में लगभग तीन महीने का समय लगता है। उन्होंने बताया कि उनके उत्पादों की मांग पहले से ही बनी हुई है और रिलायंस, टाटा तथा आदित्य बिरला जैसे बड़े कॉरपोरेट समूहों के साथ नियमित कारोबार होता है। उनके अनुसार बाजार में ग्राहकों की कमी नहीं है, बल्कि कुशल बुनकरों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। इसी कमी को दूर करने के लिए वस्त्र मंत्रालय की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया गया है।

 
 
 

Comments


Subscribe Form

  • YouTube
  • linkedin
  • twitter
  • facebook

©2020 by Alpayu Express. Proudly created with Wix.com

<script data-ad-client="ca-pub-7043038300255779" async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script>

google.com, pub-7043038300255779, DIRECT, f08c47fec0942fa0

bottom of page