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45 दिन से दूल्हा-दुल्हन के साथ ही बराती ‘लापता’




( किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस-Alpayu Express)


मई गुरुवार 7-5-2020


45 दिन से दूल्हा-दुल्हन के साथ ही बराती ‘लापता’


लाॅकडाउन के चलते बिहार में फंसे हैं सभी लोग, दुल्हे के परिजनों ने पुलिस-प्रशासन और दोनो ंराज्यों की सरकार से मदद की लगाई गुहार।

कानपुर। लाॅकडाउन के बीच चैबेपुर थाना़क्षेत्र का कबीर नगर गांव सुर्खियों में हैं। यहां से दुल्हन को विदा कराने के लिए बरातियों के संग गया दुल्हा पिछले 45 दिनों से घर नहीं लौटा। जिसके कारण बरातियों के परिजनों का दूल्हे के घर पर सुबह से आकर उनका हालचाल लेने आते हैं तो पुलिस के पास जाकर फरियाद लगाते हैं। पर सभी के हाथ बंधे हुए हैं। क्योंकि देश में लाॅकडाउन चल रहा है और आने-जाने के सारे रास्ते बंद हैं।

क्या है पूरा मामला

करीब नगर गांव निवासी महबूब खान के बेटे मोहम्मद इम्तियाज का रिश्ता बिहार बेगुसराय के फतेहपुर गांव निवासी हामिद की भांजी खुशबू के साथ तय हुआ था। महबूब खान अपने पड़ोसियों और नाते-रिश्तेदारों के साथ 20 मार्च को बारात लेकर फतेहपुर गांव के लिए निकले थे। 21 मार्च को इम्तियाज का निकाह खुशबू के साथ हो गया और 22 को बरात को वापस आना था। लेकिन जनता कफ्र्य के चलते उन्हें रूकना पड़ गया। लड़कीपक्ष वालों ने 24 की विदाई की तरीख मुकर्रर की पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाॅकडाउन का ऐलान कर दिया। जिसके कारण एक दर्जन बारातियों के समेत दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ गांव नहीं आ सका।

परिजन कर रहे बेसब्री से इंतजार

दुल्हे की बहन आफसीन ने बताया कि 23 को बारात गांव आनी थी, लेकिन लाॅकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो सका। घर पर सिर्फ महिलाएं हैं। पुरूष बारात के साथ जाने के कारण वहीं पर हैं। घर पर पैसे खर्च हो गए हैं और अब आसपास के लोगों से राशन मांग कर गुजारा करना पड़ रहा है। आफसीन ने बताया कि पड़ोस से जो लोग बरात में गए थे, उनके घर के लोग रोजाना पूछने आते हैं कि बरात कब लौटकर आएगी। सभी बारात का इंतजार कर रहे हैं।

दोनों सीएम से लगाई गुहार

पड़ोसी आमिर ने बताया कि उनके पिता भी बारात के साथ गए थे। फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि जुकाम और बुखार है। आमिर ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मांग की है दोनों मिलकर बरातियों को कानपुर वापस लाने में मदद करें। जबकि एक और पड़ोसी सलमा ने बताया कि उसके पति भी बरातियों में शामिल हैं। वह दो हजार रूपए लेकर गए थे जो खत्म हो गए हैं। उन्होंने फोन कर पैसा मंगवाया पर लाॅकडाउन के चलते चैबेपुर नहीं जा सके।

प्रशासन कर रहा प्रयास

दुल्हे के चाचा ने बताया कि इम्तियाज के पिता बीस हजार रुपये लेकर गए थे, वो भी वहां खत्म हो चुकी है। गांव में आए लेखपाल को जानकारी देकर नाम दर्ज करा दिए हैं ताकि सभी दूल्हा दुल्हन समेत सभी की वापसी हो जाए। 45 दिनों से बिहार में रूकी बारात को वापस लाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। लेखपाल ने बताया कि जिले के अलाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही बराती अपने गांव आ जाएंगे।

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