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हरितालिका तीज!....पिया के लिए सजनी सजने को तैयार,दुकानदारों के लिए भी किसी त्योहार से कम नहीं तीज

हरितालिका तीज!....पिया के लिए सजनी सजने को तैयार,दुकानदारों के लिए भी किसी त्योहार से कम नहीं तीज


मोहम्मद इसरार पत्रकार (उपसंपादक )


गाजीपुर/सैदपुर:- देश में हरितालिका तीज का त्योहार है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। उनके लिए सजती-संवरती हैं। इस दिन सैलून, ब्यूटी पार्लर, चूड़ी, मेहंदी और साड़ी वालों का बिजनेस बढ़ता है।तीज के एक दिन पहले (द्वितीया तिथि को) विवाहित स्त्रियों के माता-पिता (पीहर पक्ष) अपनी पुत्रियों के घर (ससुराल) सिंजारा भेजते हैं। इसीलिए इस दिन को सिंजारा दूज कहते हैं। जबकि कुछ लोग ससुराल से मायके भेजी बहु को सिंजारा भेजते हैं। विवाहित पुत्रियों के लिए भेजे गए उपहारों को सिंजारा कहते हैं, जो कि उस स्त्री के सुहाग का प्रतीक होता है। इसमें बिंदी, मेहंदी, सिन्दूर, चूड़ी, घेवर, लहरिया की साड़ी, ये सब वस्तुएं सिंजारे के रूप में भेजी जाती हैं। सिंजारे के इन उपहारों को अपने पीहर से लेकर, विवाहिता स्त्री उन सब उपहारों से खुद को सजाती है, मेहंदी लगाती है, तरह-तरह के गहने पहनती हैं, लहरिया साड़ी पहनती है और तीज के पर्व का अपने पति और ससुराल वालों के साथ खूब आनंद मनाती है।

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