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स्ट्रीट लाइटों में बड़ा भ्रष्टाचार!...मामले की जांच के बाद शासन नजर आ रहा सख्त

स्ट्रीट लाइटों में बड़ा भ्रष्टाचार!...मामले की जांच के बाद शासन नजर आ रहा सख्त


⭕जिला पंचायत परिषद के अपर मुख्य अधिकारी सुजीत मिश्रा पर कार्यवाही होना तय,16 ब्लॉकों के 430 गांवों में 8.73 करोड़ की लागत से लगी स्ट्रीट लाइटें खराब



किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


गाजीपुर।खबर गाजीपुर जिले से है जहां पर जिला पंचायत परिषद की ओर से जिले के सभी ब्लॉकों के गांवों में एलईडी लाइटें लगाई गई।लेकिन करोड़ो के इस काम मे भारी घोटाला किया गया।जिला पंचायत परिषद के अधिकारियों और पदाधिकारियों की मिलीभगत से गांवों को रौशन करने की ये योजना में भारी भ्रष्टाचार किया गया।जिम्मेदारों ने योजना के नाम पर बड़ी धनराशि का गोलमाल किया।जिले के गांवों को रौशन करने के नाम पर सरकारी धनराशि का घोटाला किया गया।इस मामले में तमाम ग्राम प्रधानों,कई जिला पंचायत सदस्यों,और बीडीसी सदस्यों ने काम मे भारी घोटाले को शिकायत करते हुए डीएम से जांच की मांग की थी।डीएम गाजीपुर ने मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त राजस्व की अगुवाई में 4 सदस्यीय टीम गठित की थी।जांच टीम ने मामले की जांच कर 14 मार्च 2023 को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।जांच के दौरान टीम ने जिले के 4 ब्लाकों के 14 गांवों का स्थलीय मुआयना और भौतिक सत्यापन किया।जांच में टीम को जिला पंचायत परिषद की ओर से लगाई गई एलईडी लाइटों के काम मे भारी अनियमितता मिली।जांच टीम ने पाया कि लक्ष्य के सापेक्ष बहुत कम लाइटे लगाई गई।इतना ही नही जो लाइटे लगी मिली।उनमें भी ज्यादातर खराब पायी गयी।जांच टीम ने लाइटों की मरम्मत और रख रखाव में भी तमाम खामियां पायी गयी।जाँच टीम ने भौतिक सत्यापन के दौरान मिली खामियां,कमियां और अनियमितता का उल्लेख करते हुए जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी।जांच में जिला पंचायत परिषद की ओर से जिले के गांवों में लगाई गयी लाइटों की योजना में भारी घोटाला मिलने के बाद शासन भी हरकत में आया है,और अब मामले में गोलमाल करने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्यवाही की उम्मीद है।इस मामले में उपनिदेशक,जिला पंचायत अनुश्रवण कोष्ठक, पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश ने 25 मार्च 2023 को एक पत्र विशेष सचिव पंचायती राज अनुभाग-2 उत्तर प्रदेश शासन को लिखा है।पत्र में जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अनियमितता मिलने का उल्लेख करते हुए गाजीपुर जिला पंचायत परिषद के अपर मुख्य अधिकारी के ट्रांसफर और कार्यवाही की बात कही गयी है।

16 ब्लॉकों के 430 गांवों में 8.73 करोड़ की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाई गई।लेकिन तमाम गांवों में लगी स्ट्रीट लाइटें लगते ही खराब हो गयी।गाजीपुर के 16 ब्लॉकों के 430 गांवों को रौशन करने के लिए जिला पंचायत परिषद ने गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना बनाई।योजना को लेकर 18 अगस्त 21 को जिला पंचायत परिषद ने प्रस्ताव दिया।गांवों की सड़कों गलियों और सार्वजनिक जगहों को रौशन करने के लिए जिला पंचायत परिषद में इस प्रस्ताव को 8 सितम्बर 2021 को अनुमोदित किया गया।इस योजना के लिए जिला पंचायत परिषद ने जिले के 430 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए 8.73 करोड़ का बजट भी जारी किया।जिले के गांवों को रौशन करने के लिए काम शुरू हुआ और कागजों में जिले के 430 गांव रौशन हो गए।लेकिन योजना ने कुछ दिनों के बाद ही भारी गड़बड़ी नजर आने लगी।इन गांवों में लगी 90 फीसदी स्ट्रीट लाइटें लगने के कुछ दिन बाद ही खराब हो गयी।लाइटों को कई बार मरम्मत किया गया,लेकिन हालात नही सुधरे।ऐसे में तमाम ग्रामों के प्रधानों,बीडीसी सदस्यों और कई जिला पंचायत सदस्यों ने योजना में भारी भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाते हुए डीएम से जांच कराने की मांग की।लोगों का आरोप है कि योजना में जमकर धांधली की गई है,और घटिया स्ट्रीट लाइटें लगाकर सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग किया गया।इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा की भूमिका बेहद संदेहजनक होने का भी लॉगिन ने आरोप लगाया।इस मामले में तमाम शिकायतों के बाद डीएम ने एडीएम की अगुवाई में 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की।जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन प्रशासन को सौंप दी।जांच में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार मिलने के बाद अब शासन भी मामले को लेकर सख्त हो गया है।अब लोगों को उम्मीद है कि गाजीपुर जिला पंचायत परिषद की ओर से गांवों में लगाई गई एलईडी लाइटों की योजना में घोटाला करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्यवाही होगी।

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