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वाराणसी : न्यायालय बंद होने से डगमगाई वकीलों की आर्थिक स्थिति, इन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मदद को बढ़ाया






( किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस-Alpayu Express)

मई बुधवार 6-5-2020


वाराणसी : न्यायालय बंद होने से डगमगाई वकीलों की आर्थिक स्थिति, इन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मदद को बढ़ाया हाथ


वाराणसी। कोरोना वायरस-19 महामारी के कारण देश्वायपी लॉकडाउन चल रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश में भी हाई कोर्ट के आदेशानुसार सभी न्यायलयों को बंद कर दिया गया है, जिसमे कचहरी स्थित जिला न्यायालय भी शामिल है। पिछले माह से ही न्यायलय को बंद करने के आदेश के बाद से वकीलों की भी अब आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है।


लॉकडाउन के चलते वकीलों का जीवनयापन मुश्किल होता जा रहा है और शहर के कुछ वकीलों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं। इसे देखते हुए जिले के कुछ वरिष्ठ वकीलों ने खुद आगे आकर अपने वकील बंधुओं के बारे सोचा और उन्हें नगद धनराशि मुहैया करा रहे हैं।


पूर्व उपाध्यक्ष बनारस बार एसोसिएशन वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने इस संबंध में बताया कि लॉकडाउन के दौरान अधिवक्ताओं को भी आर्थिक रुप से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए मेरे साथ और भी वरिष्ठ अधिवक्ताओँ द्वारा कमजोर अधिवक्ताओं को आर्थिक रुप से मदद मुहैया करायी गयी है।


उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 300 अधिवक्ताओं को नगद धनराशि देकर उनकी आर्थिक मदद की गई है। इस प्रयास में अधिवक्ता अनुज यादव के साथ शशिकांत राय जुन्ना, शैलेंद्र सरदार के साथ और भी अधिवक्ता मित्र शामिल हैं, जो इन धनराशियों को आर्थिक स्थिति से कमजोर अधिवक्ताओँ तक पहुंचा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी द्वरा प्रयास कर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के सहयोग से जिले के 1100 अधिवक्ताओं को राशन सामग्री पहुंचाया गया था, इसके लिए मैं उऩका आभार व्यक्त करता हूं, पर अधिवक्ताओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा औऱ राहत कार्यों की जरुरत है।


अधिवक्ता अनुज यादव का कहना है कि वाराणसी में बार काउंसिल के 3 सदस्य हैं पर किसी ने भी अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थिति पर ध्यान नहीं दिया केवल पत्राचार कर के फॉर्मेलिटी कर दी गई, जब हमे लगा की अब कहीं से भी किसी सहयोग की कोई उम्मीद नहीं दिख रही तो हम तीनों अधिवक्ताओं ने तय किया कि हमारे द्वारा ही जितना हो सके आर्थिक स्थिति से कमजोर अधिवक्ताओं की मदद की जाये।


इसी क्रम में अधिवक्ता शशिकांत राय जुन्ना द्वारा बनारस बार और सेंट्रल बार एसोसिएशन को एक लाख रुपये नगद सहायता राशि दिया गया, इन सहायता राशि में से बार एसोसिएशन द्वारा 32 अधिवक्ताओं की मदद की जा चुकी है और आगे भी यह कार्य जारी रहेगा।


वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार से अपील की है कि इस मुश्किल परिस्थिति में जैसे श्रमिक व मजदूर भाइयों के बारे में सोचा जा रहा वैसे ही प्रदेश के वकीलों के बारे में भी सोचा जाये औऱ उनकी भी आर्थिक मदद की जाये।

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