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प्रधान संघ का प्रतिनिधिमंडल!...जिला अधिकारी आर्यका अखौरी से मिला,मांगों का ज्ञापन सौंप उसके निराकरण

गाजीपुर/उत्तर प्रदेश


प्रधान संघ का प्रतिनिधिमंडल!...जिला अधिकारी आर्यका अखौरी से मिला,मांगों का ज्ञापन सौंप उसके निराकरण की मांग की।


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


गाजीपुर। प्रधान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष अंधियारा के ग्राम प्रधान मदन सिंह यादव ग्राम प्रधान अंधियरा के नेतृत्व में जिला अधिकारी आर्यका अखौरी से मिला। इस दौरान उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंप उसके निराकरण की मांग की। ज्ञापन में मांग किया कि जिला में जितने पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय बने हैं या बनना है, उस जमीन को उसके नाम से सरकारी राजस्व अभिलेख में दर्ज किया जाए। मानक के अनुसार सफाई कर्मी ब्लाकों में नियुक्त किया जाए, जमानियां, भदौरा, भांवरकोल में सफाई कर्मी कम हैं। ग्राम पंचायतों में क्षेत्र पंचायतों का बेवजह दखल अंदाजी बंद किया जाए, क्षेत्र पंचायते नियम के अनुसार अपना कार्य करें।

मांग किया कि जिस ग्राम पंचायत में प्रधान व सचिव से तालमेल सही नहीं है, वहां के सचिव को बदल दिया जाए ताकि विकास कार्य में अवरोध पैदा न हो। शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायतों को पांच लाख रुपये तक की स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार है, उसका पालन किया जाए, ग्राम पंचायतों में विधानसभा सदस्य/विधान परिषद सदस्यों द्वारा धनराशि विकास के लिए जा रही है, जिसमें दस लाख रुपये तक का ई-टेन्ड्री का प्रावधान नहीं है, इसका भी

शासनादेश है, उसका पालन कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को प्रत्येक वर्ष दस हजार रुपये गांव में दवा का छिड़काव व कुओ में ब्लीचिंग पाउडर डालने आदि कार्य के लिए दिया जाता है, जो अब तक नहीं मिला है। इस समय जिले में डेंगू बुखार का प्रकोप चल रहा है, उसे भी दिलवाया जाए। जिले में 409 ग्राम पंचायतें छोटी हैं, इन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पूर्ण रूप से मनरेगा योजना के अन्तर्गत बने है, लेकिन जिसमें बहुतों का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, इसलिए कार्य अधूरा पड़ा है, इसको पूर्ण करने के लिए धनराशि की आवश्यकता है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक के स्वीकृति का परिपालन शासनादेश के अन्तर्गत नहीं हो रहा है, उसका भी पालन कराया जाय। मनरेगा में मजदूरी व मैटेरियल के भुगतान में विलंब हो रहा है। इसके लिए भी शासन से पत्राचार किया जाय। ग्राम पंचायतों की जांच बिना शपथ पत्र न कराई जाए तथा जांच कराने वाले लोगों से एक और शपथ पत्र लिया जाए कि उनके व उनके परिवार द्वारा ग्राम पंचायत के किसी भी प्रकार के सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तो नहीं किया गया है। जिलाध्यक्ष मदन यादव ने डीएम से आग्रह किया कि उपरोक्त बिंदुओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए इसका पालन कराने की कृपा करें। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान रमेश यादव, विनोद यादव, फौजदार यादव, मोनू, धर्मेंद्र कुशवाहा, रामजी बिंद, शिवमंगल, रिंकू यादव, प्रधान प्रतिनिधि कमलेश यादव आदि शामिल रहे।

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