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पुलिस पर भरोसा नहीं!...बृजभूषण शरण सिंह को जेल में डाला जाए, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद गरजे पह

पुलिस पर भरोसा नहीं!...बृजभूषण शरण सिंह को जेल में डाला जाए, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद गरजे पहलवान


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


दिल्ली:- भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कथित यौन दुराचार मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई हुई. दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 7 महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर उसने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया है.

याचिका पर हुई SC में सुनवाई

इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पहलवान विनेश फोगाट ने कहा, आज कोर्ट का फैसला आया है लेकिन दिल्ली पुलिस पर हमें भरोसा नहीं है. हम 6 दिनों से बैठे हैं. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर ही हमारा अगला कदम होगा. हमारी मांग है कि उन्हें(WFI अध्यक्ष बृजभूषण) जेल में डाला जाए. मेरी PM मोदी से नैतिकता के आधार पर अपील है कि उन्हें हर एक पद से हटाया जाए. जब तक वे उस पद पर रहेंगे वे उस पद का दुरुपयोग करेंगे और जांच को प्रभावित करेंगे. सुप्रीम कोर्ट पर हमें पूरा भरोसा है.

बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच को बताया कि शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की जाएगी. यह बेंच बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के सात महिला पहलवानों के आरोपों पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. बेंच ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक नाबालिग लड़की को खतरे का आकलन करने और उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया जो यौन उत्पीड़न की कथित पीड़ित है. इस मामले में देश के कई नामचीन पहलवान रविवार से जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं.

पहलवानों के लिए खर्चीला साबित हो रहा प्रदर्शन

बता दें कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को बुनियादी जरूरतों को पूरा करना काफी महंगा साबित हो रहा है. इस खर्च के बावजूद पहलवान लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं. पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई चीफ पर यौन उत्पीड़न और धमकाने का आरोप लगाया है. पहलवानों ने पांच दिनों में गद्दे, चादर, पंखे, स्पीकर, माइक्रोफोन, पानी और खाने के अलावा एक छोटे जनरेटर की व्यवस्था पर 5 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं. उन्होंने शुरुआत में गद्दे, चादर और ‘साउंड सिस्टम’ किराए पर लिए थे जिसके लिए उन्हें हर दिन 27,000 खर्च करने पड़ रहे थे. पहलवानों को महसूस किया कि अगर उन्हें लंबे समय तक बैठना पड़ा तो छोटी-छोटी चीजों का इंतजाम करना एक बड़ा वित्तीय बोझ बन जाएगा.

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