Search
  • alpayuexpress

नेपाली व्यक्ति के मुंडन का मामला,आरोपी वि.हि.से के अध्यक्ष अरुण पाठक का चुनौती भरा आया बयान




नेपाली व्यक्ति के मुंडन का मामला,आरोपी वि.हि.से के अध्यक्ष अरुण पाठक का चुनौती भरा आया बयान

जुलाई बुधवार 22-7-2020


( किरण नाई ,वरिष्ठ पत्रकार -अल्पायु एक्सप्रेस-Alpayu Express)



*वाराणसी।* नेपाली युवक के सिऱ मुंडवाने के मामले में एकबार फिर से नया मोड़ आ गया है।विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अरुण पाठक ने अपने फेसबुक पोस्ट के द्वारा एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि नेपाली युवक के मुंडन में उनका कोई हाथ नहीं है। नेपाली युवक खुद 15 सौ रुपये लेकर अपना मुंडन कराकर अपने सिर पर जय श्री राम लिखवाया था। उन्होंने खुद को सही बताते हुए पुलिस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।


दरअसल बीते दिनों नेपाल के पीएम द्वारा अयोध्या और श्री राम को लेकर दिए बयान के बाद से ही वि.हि.से. अध्यक्ष अरुण पाठक ने नेपाली मंदिर पर पोस्टर चस्पाकर चेतावनी दी थी, वहीं अरुण पाठक ने अपने फेसबुक पर नेपाली युवक के मुंडन का वीडियो डाला था, जिसके बाद से मामले ने तूल पकड़ना शुरू हुआ। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस पूरे प्रकरण के बाद से ही अरुण पाठक फरार चल रहे।


वहीं अब अरुण पाठक ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो डाला है जिसमें ,उन्होंने अपने फरार होने के बारे में सफाई देते हुए कहा है कि मैं फरार नहीं हूं साधना में लीन हूं और सावन में साधना पूरी होने पर खुद पुलिस के सामने पेश हो जाऊंगा। मैं कोई अपराधी नहीं हूं यह राजनैतिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि योगी जी प्रदेश में आपको एक हिन्दूवादी नेता और गोरक्ष पीठ के उत्तराधिकारी के रूप में पूजा जाता है। बताया कि श्रीश्री 1008 जगद्गुरु सम्पतकुमाराचार्य के वैष्णव मठ में आपके पुलिसकर्मी जूते पहनकर ठाकुर जी की प्रतिमा के पास पहुंच गए। मठ-मंदिरों में जूते पहनकर जाना कहां तक उचित हैं, इस बात को सीएम योगी बखूबी ही समझ रहे होंगे। आपके राज में ब्राह्मणों का अपमान किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर जितने भी मुकदमें दर्ज हैं, सभी राजनैतिक हैं। मेरा कभी भी 151 में भी चालान नहीं हुआ है और भेलूपुर पुलिस ने मुझे अपराधी घोषित कर दिया, क्या न्यायालय से ऊपर हो गई है पुलिस। इस देश के सभी राजनीतिक अपराधी हैं तो मैं भी अपराधी हूं। उन्होंने आगे कहा कि जब 15 सौ रुपये में एक नेपाली युवक अपने सिर को गंजा कर उस पर जय श्रीराम लिखवा सकता है तो कम्युनिस्ट ओली बताएं कि उन्होंने प्रभु श्रीराम पर आपत्तिजनक बयान देने के लिए चीन से कितने रुपये लिए हैं।

1 view0 comments