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डीएम साहिबा तालाब सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों के घोटाले का जिम्मेदार कौन ? !... कमीशन खोरी के चक्कर

डीएम साहिबा तालाब सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों के घोटाले का जिम्मेदार कौन ? !... कमीशन खोरी के चक्कर में शिव मंदिर का निर्माण कार्य भी है अधूरा


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


गाजीपुर:- खबर गाजीपुर जिले से है जहां पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा लगातार गाजीपुर जिले में शासन की छवि को सुधारने का काम किया जा रहा है लेकिन वहीं दूसरी ओर शासन के अधीनस्थ कर्मचारी शासन की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं लापरवाही इस कदर बढ़ गई है कि तालाब सुंदरीकरण की करोड़ों की धनराशि खर्च होने के बावजूद अब तक तलाब सुंदरीकरण व शिव मंदिर का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है गुणवत्ता विहीन दीवार, शौचालय का निर्माण कमीशन खोरी का जीता जागता उदाहरण है

आइए जानते हैं क्या पूरा मामला

मनिहारी ब्लॉक अंतर्गत आगापुर पारा में निर्माण होना था अति प्राचीन झारखंड महादेव मंदिर धाम मंदिर का बाउंड्री वॉल ,गेट निर्माण व बाउंड्री कैंपस में तालाब का सुंदरीकरण जो कि घटीहा मटेरियल से निर्माण हुवा, जैसे भसी व सफेद बालू व घटिया ईट लगा कर निर्माण किया गया जिसका देख रेख कर रहे थे सचिव सुधीर सिंह और उनके भाई थे वहां के ठेकेदार जो कि अपने ही फर्म सीता टेडर्स से काम कराया ,दोनों भाईयों ने खूब जम कर लूटा अगापुर पारा को यह भी नहीं दिखा की मंदिर है और भाजपा के कद्दावर पूर्व मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ग्राम विकास मंत्री ने इसका नींव रखा था  फिर भी लुटेरों को यह नहीं दिखता की मंत्री का काम है या संतरी का उनका तो बस एक ही काम है बस लूटना जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा लुटेरों और अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं

वही भ्रष्ट कर्मचारी निचले स्तर पर लूटने में कमी नहीं छोड़ते किसी भी गांव को या किसी मंत्री के काम को वही आगापुर पारा के लोगों का कहना है कि इतना भ्रष्टाचार किया गया दोनों भाइयों की मिलीभगत से की  अभी तालाब का सुंदरीकरण हुवा ही नहीं की चौतरा कई जगह से फटने  लगा वहां के लोगों ने बताया कि यह तालाब की सीढ़ी एक भी बारिश नहीं झेल पाएगा जो कि भसी से और सफेद बालू से बना हुवा है, आप को बताते चले कि ग़ाज़ीपुर के मनिहारी ब्लाक व अगापुर पारा में कार्यरत थे सिग्रेटरी सुधीर सिंह मनिहारी ब्लाक में उनके ऊपर कई मामले थे गमन के उसी कारण उनका स्थानांतरण किया गया था उसके बावजूद भी उनके भाई ने अपने फर्म से काम करना बन्द नहीं किया उसी तरह लूट का सिलसिला चलता रहा और जब झारखंडे महादेव मंदिर धाम के तालाब का काम पूरा नहीं हुवा तो गांव के लोग लाम बन्द होने लगे गांव के लोगों का कहना है कि तालाब की सीढ़ी का काम मनरेगा के तहत भी कराया गया था उसका भुगतान हो गया है मगर लेबरों को उनकी मजदूरी नहीं मिली, जब इस विषय मे खंड विकास अधिकारी मनिहारी से बात करने का प्रयास किया गया तो खंड विकास अधिकारी शिरीष वर्मा का फोन ही नहीं उठा और मनरेगा बिभाग के जिला अधिकारी डीसी मनरेगा से बात करने का प्रयास किया गया तो बात करते हुए फोन काट कर डीसी मनरेगा देवेंद्र दुबे ने नंबर को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जब निचले स्तर के कर्मचारी  शिव मंदिरों को लूटने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं तो गांव के विकास काम को कितना सही तरीके से कराएंगे और क्या उसमें लूटना कम कर देंगे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जब आपके मंत्रियों के काम इस इसी तरह अंजाम दिया जाता है तो ग्राम सभा की योजनाओं पर कितना सहयोगी रहेंगे यह निचले स्तर के कर्मचारी अगर निचले स्तर के कर्मचारी के ऊपर जिला स्तर के कर्मचारी कार्रवाई नहीं करेंगे तो  लूटपाट के संरक्षण में फलते फूलते रहेंगे ऐसे सिग्रेटरी व खंड विकास अधिकारी। वहां के लोग हुवे लामबंद जैसे नरेंद्र तिवारी उर्फ पंकज  , भानुप्रताप राय ,राजकुमार तिवारी,,गुलाब राजभर,पप्पू राजभर,श्री राम राजभर,रामप्रसाद राम, श्यामदेव यादव,मंगल यादव,जालंधर यादव,प्रमोद यादव आदि लोग उपस्थित थे।

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