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छठ में दिखता है भारत का अपूर्व लोक, विदेश तक फैल रही है इस संस्कृति की सुगंध

सैदपुर/गाजीपुर/उत्तर प्रदेश


छठ में दिखता है भारत का अपूर्व लोक, विदेश तक फैल रही है इस संस्कृति की सुगंध


मोहम्मद इसरार पत्रकार (उपसंपादक)


सैदपुर/गाजीपुर:-सूर्य से सृष्टि है सूर्य ही जीवन है। छठ पर्व सूर्य की विराट प्रकाशमय चेतना के प्रति कृतज्ञता का उत्सव है। आज के युग में यह ऐसा पर्व है जो पूर्णत प्रकृति समादृत आराधना है। प्रकृति से आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर उसी को अर्पित करना केवल छठ में ही दिखता है

31 अक्तूबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन होगा।  सनातन धर्म में छठ पूजा का विशेष ?महत्व माना गया है। कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर नहाय खाय से छठ पर्व का आरंभ होता है। फिर षष्ठी तिथि को मुख्य छठ व्रत करने के बाद अगले दिन सप्तमी को उगते सूरज को जल देने के बाद व्रत का समापन किया जाता है। इस व्रत में संतान की लंबी आयु उज्ज्वल भविष्य और सुख समृद्धि की कामना की जाती है। छठ का व्रत काफी कठिन  होता है क्योंकि इसमें व्रती को 24 घंटो से अधिक समय तक निर्जला व्रत रखना होता है। इस व्रत में मुख्य रूप से सूर्य देव और छठ माता की उपासना की जाती है और उगते वह अस्त होते सूर्य को जल दिया जाता है। इस मौके पर उप जिलाधिकारी ओम प्रकाश क्षेत्राधिकारी पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर ने घाटों का इंतजाम नोखा बिहार रंगारंग कार्यक्रम किए थे जिससे दर्शक देखकर मनमोहित हो गया वहीं पूर्व चेयरमैन की तारीफ करते रहें 1 घाटों की व्यवस्था अधिशासी अधिकारी अशोक त्रिपाठी के देखरेख में किया गया था नगर पंचायत के सभी सफाई कर्मी घाटों पर तैनात थे वहीं पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रूप से नजर आई समाजसेवी विकास बरनवाल अविनाश बरनवाल सोनू जयसवाल अवनीश चौबे नवीन अग्रवाल मनोहर सुनकर पिंटू निषाद इत्यादि लोग मुस्तैद नजर आए

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