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ग्राम प्रधान की शिकायत पर हुई जांच और खुल गया पोल!...कनवर्जन मनी 24440 रुपए स्वयं आहरित करने के मामल

ग्राम प्रधान की शिकायत पर हुई जांच और खुल गया पोल!...कनवर्जन मनी 24440 रुपए स्वयं आहरित करने के मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हेड मास्टर को किया निलंबित


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


कर वित्तीय किया अनियमितता,

सादात। खबर गाजीपुर जिले से है जहां पर शिक्षा क्षेत्र सादात अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर हरतरा के प्रधानाध्यापक मु. अशफाक द्वारा एमडीएम का कनवर्जन मनी 24440 रुपए स्वयं आहरित कर वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्राम प्रधान की शिकायत पर जांच में वित्तीय अनियमितता का मामला सही पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हेड मास्टर को निलंबित कर उसी विद्यालय से संबद्ध करते हुए देवकली के खंड विकास अधिकारी को मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस कार्रवाई ने विभागीय कर्मियों के कान खड़े कर दिए हैं, जो पूरे दिन इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चा करते रहे।

मामले के अनुसार सादात नगर के वार्ड दस निवासी मु. अशफाक वर्तमान समय कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर हरतरा में हेड मास्टर हैं। उसने करीब ढाई साल पहले ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान एमडीएम संचालन हेतु एकल किए गए खाते को आज तक प्रधान के साथ संयुक्त खाता नहीं कराया था। ग्राम प्रधान ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए वित्तीय अनियमितता किए जाने की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सच निकली और हेड मास्टर अशफाक द्वारा एमडीएम के कनवर्जन मनी की राशि 24440 रुपए को चेक संख्या 12019796 के जरिए स्वयं आहरित किया जाना पाया गया। इतना ही नहीं हेड मास्टर ने बीआरसी के निर्देशों के बावजूद खाते को प्रधान के साथ संयुक्त नहीं कराया। उसने रजिस्टर में सितंबर 2021 से जुलाई 2023 तक के प्रत्येक पन्नों पर वाईटनर लगाकर ओवरराइटिंग करके लाभार्थी कालम में गेहूं व चावल की मात्रा में भी कूट रचना किया है। मनमाना रवैया अपनाते हुए वह उच्चाधिकारियों के निरीक्षण में कभी बिल बाउचर दिखाता ही नहीं था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी करीब पांच छह साल पहले हेड मास्टर अशफाक और वहां के ग्राम प्रधान के बीच एमडीएम संचालन को लेकर काफी खींचतान की स्थिति रही, जिसमें वह निलंबित होने से बचा था। विभाग में इस बात की चर्चा है कि वह खुद तो हेड मास्टर है ही उसकी पत्नी जमीला खातून भी सादात के इस्लामिया स्कूल की हेड मास्टर है। दोनों अच्छी खासी तनख्वाह पाते हैं, फिर भी वित्तीय अनियमितता से बाज नहीं आया। इस पर कार्रवाई करते हुए बीएसए ने हेड मास्टर को निलंबित करने का आदेश देते हुए उसे वहीं के विद्यालय से संबद्ध कर दिया है। पूरे मामले की जांच के लिए देवकली के बीईओ को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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